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200.95 गेज मीटर पहुंचा जलस्तर, हाई अलर्ट जारी, बाढ़ अफसरों में खलबली

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गंगा खतरे के निशान से 0.95 सेमी नीचे, गांवों में घुसा पानी
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200.95 गेज मीटर पहुंचा जलस्तर, हाई अलर्ट जारी, बाढ़ अफसरों में खलबली

अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ों की बारिश और लगातार हरिद्वार और बिजनौर से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा खतरे के निशान से अब महज 0.95 सेमी नीचे रह गई है। गुरुवार को छोड़ा गया 2.42 लाख क्यूसेक पानी शुक्रवार सुबह तिगरी और ब्रजघाट पहुंच गया। जिसके बाद जलस्तर 200.95 गेज मीटर पहुंच गया है। मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के गंगा से सटे और खादर क्षेत्र के चार गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर ओसीदा जग्देपुर में देखने को मिला है। यहां पानी करीब चार फिट तक खड़ा है। जो गुरुवार को करीब ढ़ाई फिट था। पानी घुसने से अफसरों को भी चिंता सताने लगी है। तिगरी में बाढ़ खंड के अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है।
पहाड़ों पर लगातार तेज बरसात का सिलसिला जारी है। गुरुवार को करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी डैम से छोड़ा गया था। जिससे गंगा का जलस्तर बहुत बढ़ गया। इससे गंगा, खतरे की निशान की ओर तेजी से बढ़ती जा रही है। गंगा किनारे बसे खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया। ओसीता जग्देपुर के जंगल में बोई गईं करीब एक हजार बीघा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में बाढ़ का पानी तीन दिन पहले घुस चुका है। वहां किसानों को खेत से चारा लाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर बनी दहशत और बढ़ गई है। शुक्रवार को जलस्तर बीस सेमी ओर बढ़ने की सूचना से किसानों की बैचेनी और बढ़ गई। बाढ़ के खतरे को भांपते हुए शुक्रवार को मुख्य अभियंता ओम कुमार वार्मा, अधीक्षण अभियंता केएल गुप्ता, एक्सईएन सुरेंद्र सिंह यादव, एसडीओ अजय जैन व जेई प्रदीप कुमार ने गंगा के बढ़े जलस्तर का मुआयना किया। तटबंधन के कार्य में और तब्दीली के निर्देश दिए गए। अब मिट्टी के बोरों के आगे लकड़ी के बल्ली लगाई जा रही हैं। गुरूवार को ब्रजघाट में 200.35 व ब्रजघाट में 200.75 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था । जो शुक्रवार को ब्रजघाट में 200.55 व तिगरी में 200.95 गेज मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से ज्यादा नीचे नहीं बची है। शुक्रवार शाम को हरिद्वार और बिजनौर डैम से 1.19 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शनिवार की तड़के यह पानी तिगरी-ब्रजघाट पहुंच जाएगा। जिसके बाद जलस्तर में और इजाफा होगा।
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गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी करा दिया गया है। जलस्तर में अभी और भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है। लेकिन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है।
- ओम कुमार वर्मा, मुख्य अभियंता बाढ़ खंड।


पानी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है ग्रामीणों को
मंडी धनौरा। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से पास किए गए पानी की वजह से खादर क्षेत्र के गांव रसूलपुर भांवर के संपर्क मार्ग में अभी भी पानी लगभग एक फुट से अधिक जमा है। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। उपजिलाधिकारी संजीव यादव ने मौके का निरीक्षण किया। दूूसरी ओर बाढ़ का पानी खेतों में घुस जाने की वजह से ग्रामीणों की हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से मैदान में नदियां उफान पर हैं। हरिद्वार व बिजनौर बैराज से पानी पास किए जाने की वजह से खादर के गांवों में भी बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। गुरूवार को तटबंध के दूसरी ओर बसे ग्राम रसूलपुर भांवर में बाढ़ का पानी घुस गया। बाढ़ के पानी की वजह से ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। मौके पर गए एसडीएम संजीव यादव ने बताया कि रसूलपुर भांवर निचले इलाके में बसा हुआ है। तटबंध के दूसरी ओर बसा होने की वजह से वहां पानी अधिक प्रभावी हो जाता है। लेखपाल को मौके पर ही तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार तक पानी उतर जाना चाहिए। वहीं बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया है।
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