रौजा स्थित दुर्गा पंडाल के सामने से गुजरा बिजली का केबल।
जनपद के माननीय से मोबाइल पर टेंडर खोलने को लेकर अधीक्षण अभियंता की इस कदर नोकझोंक हुई कि उनका पारा चढ़ गया। जो टेंडर खोलने थे, उनको तत्काल प्रभाव से उन्होंने निरस्त कर दिया। माननीय के गुर्गे भी एसई की इस कार्यप्रणाली को देखकर दंग रह गए।
विभागीय कर्मचारियों में भी खलबली मच गई। हालांकि एसई ने टेंडर बेचने के लिए अन्य तारीख निर्धारित करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। जिले की अमरोहा डिविजन क्षेत्र में दो, जबकि गजरौला में चार विद्युत सेवा केंद्र खुले हैं। इनमें शिकायत दर्ज कराने पर फौरन कर्मचारियों द्वारा समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
एक सितंबर को यह केंद्र सुचारू हो चुके हैं। शिकायतों को दूर करने के लिए अलग से छह गैंग रखे जाएंगे। प्रत्येक गैंग में पांच कर्मचारी शामिल रहेंगे। विभाग ने गैंगों के अलावा किराए पर ट्रैक्टर ट्राली व बाइक के लिए टेंडर निकाले थे। गजरौला डिविजन में निकले चार टेंडरों के लिए 14 ठेकेदारों ने रसीद कटवाई थी और उनको खरीदा था।
अमरोहा के दो गैंगों के लिए 13 ठेकेदारों ने रसीद कटवाई थी। अधिकारियों की मानें तो गत 22 तारीख को टेंडर पड़े थे और दोपहर बाद खुलने थे। बताते हैं कि अधीक्षण अभियंता द्वारा इस काम को अंजाम नहीं दिया जा रहा था, जिस पर एक माननीय के गुर्गे बेचैन हो गए थे।
उन्होंने पूरी स्थिति से वाकिफ कराते हुए माननीय को बताया था। माननीय ने डायरेक्ट एसई का मोबाइल मिला दिया था। दोनों के बीच जबरदस्त झड़प हुई। बाद में अधीक्षण अभियंता ने प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। अधीक्षण अभियंता एसबी पाल का कहना है कि, किसी से भी खफा होने या मोबाइल पर तकरार की बात गलत है। प्रक्रिया किसी तारीख को देखकर दोबारा से शुरू कराई जाएगी।