अमरोहा। ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में थाना पुलिस और लेबर इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। यहां जांच पड़ताल की। मजदूर बोले, वह स्वेच्छा से काम कर रहे हैं। हालांकि मजदूरों के 15 परिवारों के 50 लोगों को उनके घर भिजवा दिया गया है। सभी मजदूर संभल और आदमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। फिलहाल, मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
यह मामला अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के सिरसा खुमार में ईंट भट्ठे का है। एक ठेकेदार ने यहां पर काम करने के लिए संभल और आदमपुर थानाक्षेत्र के मजदूर ईंट पाथने और अन्य कार्य के लिए लगाए थे। थाना पुलिस को सूचना मिली की थी कि ठेकेदार ने भट्ठा मालिकों से पांच लाख रुपये ले लिए और अब मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। पुलिस ने इसकी शिकायत संबंधित विभाग से की। मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आते ही प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। बुधवार की देर शाम लेबर इंस्पेक्टर संजय कुमार और देहात थाना एसओ सुरेश गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। यहां मजदूरों से पूछताछ की। जिसमें मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने का आरोप झूठा पाया गया। मजदूरों ने अपनी स्वेच्छा से काम करने की सहमति जताई। लेकिन, प्रकरण को गंभीरता से लेकर अधिकारियों ने सभी मजदूरों को उनके घर भेज दिया है।
लेबर इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि भट्टे पर करीब 15 परिवारों के 50 लोग मौजूद थे। सभी से पूछताछ करने के बाद वाहनों की व्यवस्था कर उनके घर भेज दिया गया है। सभी मजदूर संभल और आदमपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने का आरोप झूठा मिला है। लिहाजा, कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।