मुख्य सरगना आकिब ने मुरादाबाद के कांठ थानाक्षेत्र के देहरा उमरी निवासी एहतेशाम व जोया के रहने वाले रेहान को अपने गिरोह में शामिल कर लिया था। यह लोग गरीब लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके खाते खुलवाते हैं। पुलिस ने अमरोहा से संचालित साइबर ठगी गिरोह से जुड़े 50 खातों को फ्रीज कराया है। अधिकांश में 15 लाख से अधिक का लेनदेन हुआ है।
जीरो बैलेंस से खोले गए खातों में अचानक लाखों के लेनदेन होने से बैंक अधिकारी और पुलिस हैरान है। फिलहाल, आकिब की गिरफ्तारी से पहले साइबर थाना पुलिस को पहले एहतेशाम की तलाश है। बछरायूं थानाक्षेत्र के वेव शुगर मिल में नौकरी करने वाले आंध्रप्रदेश निवासी वेंकट राम रेड्डी के व्हाट्सएप पर दो मार्च को एक अनजान नंबर से लिंक आया था। लिंक पर वेंकट राम रेड्डी ने क्लिक किया तो उनके बैंक खाते से 12.60 लाख कटकर दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए थे।
मामले में वेंकट राम रेड्डी ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद साइबर थाना इंस्पेक्टर जितेंद्र बालियान के नेतृत्व में टीम ने छानबीन की तो अमरोहा से संचालित ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ। इसके बाद पुलिस ने बीते बुधवार को जोया कस्बे के मोहल्ला मुल्लाना निवासी रेहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
उसके कब्जे से पांच फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, साइबर ठगी से संबंधित दस्तावेज, चार चेक बुक, एक पासबुक, एक लैपटॉप, तीन बैंक जमा स्लिप, स्वाइप मशीन, तीन मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड बरामद किए थे। पुलिस ने 12.26 लाख पीड़ित वेंकट राम रेड्डी के खाते में वापस कराए गए थे।
साइबर ठगी के इस गिरोह का सरगना श्यौनाली गांव का रहने वाला आकिब निकला था, जो करीब दो साल से दुबई में रह रहा है और वहीं से गिरोह को चलाता है। मुरादाबाद जिले के कांठ थानाक्षेत्र के डेहरा उमरी कलां का रहने वाला एहतेशाम भी सक्रिय सदस्य है। इसके बाद पुलिस गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है।
करीब पांच साल पहले चलाता था जनसेवा केंद्र
साइबर थाना इंस्पेक्टर जितेंद्र बालियान बताया कि अब तक इस गिरोह के नेटवर्क से जुड़े 50 बैंक खाते फ्रीज कराए जा चुके हैं। इनमें से 19 खाते ऐसे हैं जो शिकायतों के आधार पर पहले से फ्रीज थे। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले आकिब जनसेवा केंद्र चलाता था। क्योंकि जनसेवा केंद्र पर रुपयों को लेनदेन भी होता है, इसलिए आकिब ने यहीं से साइबर ठगी की बारीकियां सीखीं थीं और दो साल पहले जनसेवा केंद्र को बंद कर दुबई चला गया। फिलहाल आकिब के गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों में फैला है।