बुखार तो अपनी कहर बरपा ही रहा था, अब डेंगू भी लोगों की जान लेने लगा है। अमरोहा और गजरौला में छात्र-छात्रा तो मंडी धनौरा में एक रिटायर्ड शिक्षक की डेंगू और बुखार से मौत हो गई। जबकि जोया की रहने वाली एक महिला की बुखार ने जान ले ली। एक मौत हसनपुर में भी हुई। सभी के परिजनों में कोहराम मचा है। साथ ही लोगों में बुखार की दहशत है।
अमरोहा के डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सहसपुर अलीनगर निवासी अब्दुल हफीज का चौदह वर्षीय बेटा अब्दुल मोमीन क्षेत्र के ही एमआई रजा इंटर कालेज गंगदासपुर में कक्षा छह में पढ़ता था। कुछ दिन पहले उसको तेज बुखार आया था, जिसके बाद स्थिति बिगड़ती गई। परिजनों ने उसको मुरादाबाद के मेडिकल कालेज में दाखिल कराया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
उधर कस्बा जोया के मोहल्ला जामा मस्जिद की रहने वाली अफरोज (35) पत्नी भूरा को सप्ताह भर पहले बुखार आया था, जिस पर परिजनों ने निजी चिकित्सक से दवाई ली थी, मगर हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस पर परिवार के लोगों ने उसको मुरादाबाद के एक मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। शुक्रवार की देर शाम उसकी सांसों की डोर टूट गई। मृत घोषित करते ही परिजन रोने बिलखने लगे। मृतका के बेटे शाहनवाज की तबियत भी खराब है। जो एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती है।
ढबारसी में बुजुर्ग ने दम तोड़ा
ढबारसी(ब्यूरो)। गांव ढबारसी निवासी महेंद्र शर्मा (62) को पिछले सात-आठ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन गांव के ही निजी डाक्टर से उपचार करा रहे थे। लगातार उपचार के बावजूद भी महेंद्र की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिजनों के मुताबिक बुखार के साथ उनके शरीर में दर्द रहता था। शनिवार शाम को महेंद्र ने दम तोड़ दिया। बुखार से बुजुर्ग की मौत हो जाने पर परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं गांव में दो दर्जन से भी अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। अस्पतालों मंे मरीजों की भीड़ लगी हुई है। लोगों निजी अस्पतालों में भी इलाज कराने करा रहे हैं।
बुखार से कक्षा नौ की छात्रा की मौत
गजरौला। जनपद अमरोहा में बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में बुखार पीड़ितों की लंबी लाइन लगी हुई है। निजी नर्सिंग होम में बेड खाली नहीं है। गजरौला में जानलेवा बुखार ने कक्षा नौ की छात्रा की जिंदगी लील ली। छात्रा की मौत का सदमा परिवार बर्दाश्त नहीं कर पा रहा।
नगर के अवंतिका नगर की छात्रा ज्योति शर्मा (15) पुत्र दीपक शर्मा उर्फ कल्लन ज्ञान भारती इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा थी। छात्रा को बृहस्पतिवार के दिन बुखार ने जकड़ लिया था। परिजन नेशनल हाइवे पर स्थित निजी नर्सिंग होम ले गए। जहां सुधार होने पर शुक्रवार की सुबह घर ले आए।
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह जब ज्योति घर पहुंची तो उस पर फालिस का असर नजर आया। जिससे वह तत्काल ही गढ़मुुक्तेश्वर के एक डाक्टर के यहां ले गए। जहां चिकित्सक ने फालिस का असर न होने की बात कह कर वापस भेज दिया। दोपहर में ज्योति को फिर से बुखार चढ़ने लगा। इसी दिन शाम को तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी पाकबड़ा मुरादाबाद में भर्ती करा दिया। जहां इलाज के दौरान देर रात करीब दो बजे छात्रा ज्योति ने दम तोड़ दिया।
बुखार से रिटायर्ड शिक्षक की मौत
मंडी धनौरा। वायरल बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। वायरल बुखार जानलेवा भी होता जा रहा है। शनिवार को बुखार के चलते एक रिटायर्ड शिक्षक की मौत हो गई। बुखार से होने वाली यह चौथी मौत है।
वायरल बुखार का प्रकोप और तेज हो रहा है। शनिवार की सुबह नगर के मुहल्ला गढ़ी मंदिर में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक सीताराम बंसल (68) की बुखार की वजह से मौत हो गई। उनको पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने स्थानीय चिकित्सक के यहां उपचार कराया था। बुखार से यह चौथी मौत है। शुक्रवार को क्षेत्र के गांव बेरखेड़ा निवासी शुभम पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 11 साल की भी बुखार से मौत हो गई थी। इससे पहले नगर के ही ऋषभ जैन व चुचैला कलां निवासी सरताज की मौत हो गई थी।