नोटबंदी के बाद महिला के खाते में अचानक 49 हजार रुपये आ गए। पासबुक पर इंट्री कराने महिला बैंक पहुंची तो उसे इसकी जानकारी हुई। दो हजार रुपये निकालने के लिए विदड्राल फार्म भरा तो मैनेजर ने उसे रखकर सादे विदड्राल फार्म पर दस्तखत करने को कहा। मना किया तो आरोप है कि ब्रांच मैनेजर ने उसे अपमानित करके बैंक से भगा दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत एसपी से कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर निवासी यास्मीन पत्नी नसीम का गांव स्थित प्रथमा बैंक में खाता (89023171763) है। खाते में कुल 381 रुपये जमा थे। एक दिसंबर को महिला बैंक पहुंची और पासबुक पर इंट्री कराई तो पता चला कि उसके खाते में 49 हजार 381 रुपये हैं। 21 नवंबर को खाते में पता नहीं कहां से 49 हजार रुपये जमा हो गए थे। महिला ने ये देख दो हजार रुपये निकालने के लिए विदड्राल फार्म भरा। कैशियर ने पता किया खाते में पैसे कहां से आए तो महिला ने अनभिज्ञता जताई।
आरोप है कि कैशियर और मैनेजर ने दो हजार का विदड्राल अपने पास रखकर उससे सादे विदड्राल पर दस्तखत करने को कहा। महिला के मना करने पर उसे अपमानित किया गया और धक्के देकर बैंक से बाहर निकाल दिया गया। साथ ही पासबुक पर पेन से लिख दिया कि उसके खाते में सिर्फ 131 रुपये शेष हैं। कहीं से भी कोई कार्रवाई न होता देख पीड़ितों ने शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंच कर मामले की शिकायत की। कानूनी कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आखिर कहां से आए खाते में 49 हजार
अमरोहा। देहात थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर स्थित प्रथमा बैंक की शाखा में यास्मीन ने अपने खाते में पैसे नहीं डाले। खाताधारक ने कहीं और से भी खाते में पैसा आने से इंकार किया। फिर भी खाते में अचानक से 49 हजार रुपये आ गए। कहीं कालाधन खपाने की नीयत से तो महिला के खाते में पैसे नहीं डाले गए।
ये भी हो सकता है कि कर्मचारियों की गलत ट्रंजेक्शन से महिला के खाते में 49 हजार रुपये आ गए हो। अगर ऐसा होता तो जिसका पैसा था वो शिकायत करने जरूर पहुंच जाता। मुरादाबाद में हुई रैली प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर किसी के खाते में कालाधन खपाने वालों ने पैसे डाले तो इसे निकालना मत। कोई ऐसा नियम बनाया जाएगा कि ये पैसे गरीबों के काम आ सके।
पासबुक में एंट्री करते समय गलत प्रिंटिंग होने से दूसरे के खाते की डिटेल महिला के पासबुक पर प्रिंट हो गया था। महिला के खाते में कोई पैसा नहीं आया है। महिला को निराधार एवं मनगढंत बताया। राम प्रकाश विश्नोई, ब्रांच मैनेजर