शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मंगलवार को पहले चरण की लॉटरी निकाली गई। इसमें कुल 474 बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया गया। दूसरे चरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू हो गई।
आरटीई के तहत सरकार जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराती है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लॉटरी के जरिए बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया जाता है। इस के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए आवेदन के पहले चरण की प्रक्रिया एक दिसंबर को शुरू की गई थी। निर्धारित तिथि 19 दिसंबर तक 763 आवेदन हुए थे। जिसमें बीएसए की जांच में 144 आवेदन निरस्त कर दिए गए थे।
बच्चों के प्रवेश के लिए मंगलवार को विकास भवन में सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा व परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह ने लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की। जिसमें 474 बच्चों को उनके पसंदीदा निजी विद्यालय में निशुल्क प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन किया गया। जबकि, सीटें फुल होने के कारण 144 बच्चों को प्रवेश नहीं मिल सका। बीएसए डॉ. मोनिका ने बताया कि इन विद्यालयों को सरकार द्वारा प्रतिवर्ष हर बच्चे के लिए 4950 का शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में उनके खाते में भुगतान तथा पांच हजार रुपये अभिभावकों के खातों में बच्चे के स्टेशनरी, यूनिफार्म, स्कूल बैग आदि के लिए दिया जाता है।
दूसरे चरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया एक जनवरी से 19 जनवरी तक की जा सकेगी। योग्य बच्चों के अभिभावक पोर्टल के माध्यम से प्राइवेट विद्यालयों में कक्षा एक अथवा नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। निरस्त किए गए आवेदनों के लिए भी कमियों को दुरुस्त कर अभिभावक फिर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद