अफसर के दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी लोगों की समस्याओं का हल नहीं हो रहा है। यही स्थिति संपूर्ण समाधान दिवस और थाना समाधान दिवस की है। शनिवार को थाना समाधान दिवस में कुल 45 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि मौके पर 22 का ही निस्तारण हो सका है। ऐसे कई लोग थे जो कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं होने पर शिकायत करने पहुंचे थे। हालांकि, अधिकारी जरूर खानापूर्ति करके खुद को बेहतर साबित करने में लगे हैं।
शनिवार को जनपद के सभी थानों में थाना समाधान दिवस आयोजित किया गया। रजबपुर थाने में डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसपी अमित कुमार आनंद ने लोगों शिकायत सुनी। यहां सात शिकायत दर्ज की गई, जबकि मौके पर चार का ही निस्तारण हो सका। यह स्थिति तब है जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी मौजूद थे। अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने सैदनगली थाने में शिकायत सुनी। यहां तीन शिकायतों में दो का मौके पर निस्तारण किया गया। एक शिकायत लंबित रह गई। अमरोहा नगर में एसडीएम सदर सुधीर कुमार और सीओ सिटी अरुण कुमार ने शिकायत सुनी। यहां पुलिस से संबंधित दो शिकायत दर्ज की गईं दोनों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जबकि, अमरोहा देहात थाने में सात शिकायत दर्ज की गईं, यहां केवल दो का ही निस्तारण हो सका।
इसके अलावा डिडौली कोतवाली में छह शिकायतों में से चार का निस्तारण हुआ। जबकि, रहरा थाने में चार शिकायत दर्ज की गईं, इसमें केवल दो ही निस्तारण किया जा सका। आदमपुर थाने में सात शिकायतों में से केवल तीन का निस्तारण हुआ। मंडी धनौरा थाने में पांच में से एक शिकायत का ही समाधान हो पाया है।
नौगांवा सादात और बछरायूं थाने में एक-एक शिकायत पाई गई, उनका भी अधिकारियों ने मौके पर निस्तारण करा दिया। हसनपुर कोतवाली में दो में से एक शिकायत का निस्तारण हो पाया। गजरौला का भी यही आलम रहा। यहां भी दो शिकायतों में से एक का ही निस्तारण अधिकारी करा पाए। कुल मिलाकर जनपद के सभी 12 थानों में 45 शिकायतें दर्ज की गईं, जिसमें से केवल 22 का ही निस्तारण हो सका। शिकायत करने वाले ऐसे कई लोग पहुंचे जो पहले भी तीन से चार बार अपनी समस्या के निस्तारण की मांग कर चुके हैं। लेकिन, उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा।