कलक्ट्रेट में बने जनपद स्तरीय चुनाव कंट्रोल रूम में शिकायतों की भरमार रही। विधानसभा क्षेत्रवार कुल 215 शिकायतें दर्ज की गईं। जिसमें अधिकारियों ने 205 शिकायतों का निस्तारण मौके पर करा दिया है। जबकि 10 शिकायतें लंबित रह गई है। सबसे अधिक 131 शिकायतें एनजीआरएस पर दर्ज की गई। जिसमें अकेले हसनपुर क्षेत्र से 66 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इतना ही नहीं 40 फीसदी फर्जी शिकायतों ने अधिकारियों को खूब छकाया।
कंट्रोल रूम प्रभारी/ कृषि उपनिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान 1950 पर कुल 68 शिकायतें दर्ज की गई। जिसमें 59 शिकायतों का निस्तारण करा दिया गया है। जबकि एनजीआरएस पर 131 शिकायतें दर्ज हुई, जिसमें संबंधित टीमों को भेजकर 130 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया। ऐसे ही सी-विजील एप पर 16 शिकायतें दर्ज की गई। इसमें सभी का मौके पर निस्तारण करा दिया गया है। डीसीसी स्तर पर आईं सभी 10 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक शिकायतें मतदाता सूची में नाम नहीं होना, वोटर आईडी कार्ड नहीं मिलना, आचार संहिता में सरकारी या प्रत्याशियों के बैनर पोस्टर लगे होना, जैसी शिकायतें थी। इसमें 40 फीसद शिकायतें फर्जी पाई गईं। मथुरा, बरेली, मुरादाबाद और हापुड़ जैसे गैर जनपदों की फोन कॉल ने खूब परेशान किया। दरअसल 1950 नंबर को डायल करने से पहले संबंधित जिले का एसटीडी कोड लगाना अनिवार्य होता था। कई बार लोग गलत नंबर लगाकर परेशान करते थे। ऐसे में उन लोगों को संबंधित जिले का एसटीडी कोड बता कर उनकी समस्या का समाधान किया गया। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में आई शिकायतों और निस्तारण का लेखा-जोखा चुनाव आयोग को भेज दिया गया है।
अमरोहा। विधानसभा क्षेत्रवार शिकायतों की बात करें तो 1950 पर धनौरा विधानसभा क्षेत्र से 1950 पर 14 शिकायतें दर्ज की गई। इसमें 13 का निस्तारण हो गया है। जबकि एनजीआरएस पर कुल 25 शिकायतें दर्ज की गईं, इसमें 24 का निस्तारण हुआ है। जबकि सी-विजिल एप पर केवल एक शिकायत दर्ज की गई। उसका भी मौके पर जाकर निस्तारण कराया गया। ऐसे ही नौगांवा सादात क्षेत्र से 1950 पर 23 शिकायतें दर्ज हुईं। जिसमें 19 का निस्तारण हो चुका है। एनजीआरएस पर दर्ज की गई 24 शिकायतों में सभी का निस्तारण कराया गया।
वहीं सी-विजिल एप पर 4 शिकायतें दर्ज की गईं। सभी का मौके पर निस्तारण किया गया। अमरोहा विधानसभा क्षेत्र से 1950 पर दर्ज की गई 16 शिकायतों में से 14 का निस्तारण हो सका है। जबकि एनजीआरएस पर दर्ज की गईं सभी 16 शिकायतों का निस्तारण करा दिया गया है। ऐसे ही सी-विजिल एप पर पाई गईं 11 शिकायतों में से सभी का निस्तारण कर दिया गया।
हसनपुर क्षेत्र में 1950 पर 15 शिकायतें दर्ज की गईं, इनमें से केवल 11 शिकायतों का निस्तारण हो सका है। इस क्षेत्र में एनजीआरएस पर सबसे अधिक 66 शिकायतें दर्ज की गईं, संबंधित टीमों द्वारा सभी का निस्तारण करा दिया गया है जबकि इस विधानसभा क्षेत्र में सी-विजिल एप पर कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
सी-विजिल एप की शिकायतों के निस्तारण में रहा अधिकारियों का जोर
अमरोहा। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए चुनाव आयोग ने सी-विजिल एप की शुरूआत की थी। इस एप पर कोई भी व्यक्ति आचार संहिता के उलंघन से संबंधित फोटो, वीडियो अपलोड कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता था। चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम को तत्काल समस्या का निस्तारण कराने के निर्देश दिए थे। आयोग सी-विजिल पर आने वाली शिकायतों की निगरानी कर रहा था। इसलिए जिला प्रशासन का पूरा जो सी-विजिल एप पर आने वाले शिकायतों पर रहा। जिले की धनौरा, अमरोहा और नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्रों से 10 शिकायत दर्ज की गईं, जिना प्रशासन ने गंभीरता पूर्वक निस्तारण करा दिया।
विधानसभा क्षेत्र प्राप्त शिकायतें निस्तारित
धनौरा 40 38
नौगांवा सादात 51 49
अमरोहा 43 41
हसनपुर 81 77
नोट:- शिकायतों के यह आंकड़े विकास भवन से प्राप्त हुए हैं।