अमरोहा। पशुओं को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान बुधवार से शुरू हो रहा है। इसके लिए पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण और टेगिंग करेंगी। अभियान के तहत टीकाकरण को 32 टीमें लगाई हैं।
बारिश के दिनों में पशुओं में खुरपका-मुंहपका के फैलने का खतरा रहता है। इस बीमारी से पशुओं को दिक्कतें होती हैं, वहीं पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बीमारी से ग्रसित पशुओं से दुग्ध का उत्पादन काफी कम हो जाता है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा इस बीमारी से जानवरों को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। टीकाकरण अभियान की शुरुआत आज से हो रही है। जिसमें पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। जिले भर में करीब साढ़े छह लाख पशुओं का टीकाकरण करने के लिए 32 टीमें लगाई जाएंगी।
जिले में पहुंची 6.50 लाख वैक्सीन
सीवीओ डॉ. आभा दत्त के अनुसार टीकाकरण के लिए जिले में साढ़े छह लाख वैक्सीन पहुंच चुकी हैं। जिनको कोल्डचेन में सुरक्षित रखवाया गया है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई। टीकाकरण अभियान के दौरान ही पशुओं की टेगिंग की उसका विवरण भारत पशु धन एप पर दर्ज करना होगा। उन्होंने सभी पशुपालकों से टेगिंग जरूर कराने की अपील भी की है।
खुरपका व मुंहपका रोग के लक्षण
- पशु को तेज बुखार आना
- मुंह, जीभ, मसूढ़ों और खुरों के बीच छाले या फफोले पड़ना
- बहुत अधिक लार टपकना
- भूख न लगना
- पशु का सुस्त होना
- खुरों में घाव होना
- दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन की कमी होना
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कैसे होता है रोग का फैलाव
- संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने से
- दूषित चारा, पानी या वातावरण के माध्यम से
- मानव, वाहन और उपकरणाें के माध्यम से