हसनपुर तहसील के बिहारीपुर और पथरा में वन विभाग की साढ़े तेरह सौ बीघे जमीन पर अवैध कब्जे का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब जेबड़ा, शहवाजपुर गुर्जर और जयतोली ग्राम पंचायत के जंगल में गंगा किनारे वन विभाग की 300 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आ गया है।
गंगा की तलहटी में वन विभाग की जमीन पर गन्ना, बाजरा, चरई, उर्द और लौकी आदि सब्जियों की फसल लहलहा रही हैं। आरोप फिर वही कि वन विभाग के अफसर माफिया से साठगांठ कर डेढ़ दशक पहले रोपे गए पेड़ों को कटवाकर खेती करवा रहे हैं। साथ ही माफिया यहां वन्य पशुओं का वध करके संभल की मांस फैक्ट्रियों में मांस भिजवा रहे हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते क्षेत्रीय पुलिस माफिया के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
हसनपुर तहसील में वन विभाग की कीमती और उपजाऊ जमीन पर माफियाओं की नजर है। पहले बिहारीपुर और पथरा में वन विभाग की साढ़े तेरह सौ बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
एसडीएम अशोक मौर्य ने जमीन को कब्जामुक्त कराने के बातें तो काफी की, लेकिन राजनीतिक संरक्षण से मामला वहीं ठप पड़ा है। प्रशासन ने कब्जाधारियों के चिह्नीकरण और फसल की कुर्की की बातें कही थी, लेकिन हुई कुछ नहीं। राजनीतिक दबाव में कार्रवाई वहीं रोक दी गई। वन विभाग को मामले में पहले से ही हीलाहवाली कर रहा था, क्योंकि जांच में उसकी पोल खुलने वाली थी।
अब जेबड़ा, शहवाजपुर गुर्जर और जयतोली ग्राम पंचायत के जंगल में गंगा किनारे वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। बुलंदशहर बार्डर पर गंगा किनारे इस जमीन पर वन विभाग ने 15-16 साल पहले वन पेड़ पौधे लगवाए थे।
इनकी सुरक्षा के लिए गहरी खाई खोदी गई थी, जिससे माफिया वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा न कर लें। चूंकि गंगा किनारे है तथा जाने के लिए कोई सही रास्ता नहीं है, लिहाजा वन विभाग के आला अफसर मौके पर नहीं पहुंच पाते। इसका फायदा माफिया उठा रहे हैं। आरोप ये लग रहा है कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों से साठगांठ के चलते माफिया वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं।
पेड़ पौधों को काट कर जमीन पर माफिया की गन्ना, बाजरा, चरई, उर्द, लौकी आदि की फसल लहलहा रही हैं। जमीन सैकड़ों बीघा होने के बावजूद तकरीबन पचास-साठ बीघा रकबे पर ही वन विभाग का कब्जा है, जिस पर पेड़ पौधे खड़े हैं। इनको भी काटने की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग के अफसरों ने जल्दी संज्ञान नहीं लिया तो कुछ दिनों बाद पेड़ पौधों का नामोनिशान भी नहीं मिलेगा। वहीं, वन दरोगा हरीश मेहता ने बताया कि 15 हेक्टेयर जमीन पर वन विभाग ने पौधरोपण कराया था। इन पौधों की देखभाल के लिए ही जुताई कराई है। साथ ही कुछ जमीन का गंगा ने कटान कर दिया। माफिया के कब्जे की बात झूठी है।
वन्य पशुओं की हत्याकर मांस पहुंचा रहे संभल की मांस फैक्ट्रियों में
गंगा किनारे सैकड़ों बीघा जमीन पर जहां माफिया ने वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से साठगांठ के चलते अवैध कब्जा कर रखा है, वहीं इन्होंने वन्य पशुओं को भी नहीं छोड़ा है। नीलगाय, हिरण, सांड़, जंगली गायों का वध करके इनका मांस संभल की मांस फैक्ट्रियों में भिजवा दिया।
राजनीतिक संरक्षण के चलते क्षेत्रीय पुलिस वन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाती है। दबी जुबान में माफिया को लोग एक कैबिनेट मंत्री का नजदीकी बताते हैं, जिनके शह पर पुलिस इन पर हाथ डालने से कतराती है।
वन और पशु तस्करों के चलते ही हसनपुर कोतवाली और आदमपुर थाना क्षेत्र में सांड़ और नीलगायों के वध को लेकर कई बार बवाल भी हो चुका है। समय रहते इन पशु तस्कर और वन माफिया पर अंकुश नहीं लगाया गया तो क्षेत्र में अमन-चैन और आपसी भाईचारा बिगड़ सकता है।
वन विभाग की जमीन कितनी है, यह उनको जानकारी नहीं है। गंगा किनारे जमीन पर वन विभाग ने 15-16 साल पूर्व पौधे लगवाए गए थे, मैं हसनपुर सर्किल में कुछ सालों से ही तैनात हूं। शीतल पंवार, क्षेत्रीय वन अधिकारी हसनपुर।
हसनपुर तहसील क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे की लगातार शिकायत मिल रही हैं। बिहारीपुर में भी माफिया की ओर से अतिक्रमण की शिकायत है। अब गंगा किनारे अवैध कब्जे की जानकारी मिली है। वन विभाग की जमीन चिन्हित कराने के लिए 20 अगस्त से सर्वे कराया जाएगा। भरत लाल, प्रभागीय वन अधिकारी अमरोहा।
हसनपुर वन क्षेत्राधिकारी को वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अगर रेंजर कार्रवाई नहीं करते हैं तो मैं खुद कदम उठाऊंगा। वन विभाग की जमीन पर किसी को भी कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। -एके सिंह, रुहेलखंड जोन सुरक्षा बल प्रभारी।
आदेश तक सिमटी कार्रवाई, कब्जा बरकरार
अमरोहा/गंगेश्वरी। जिले में वन विभाग की तीन रेंज हैं। हसनपुर, अमरोहा और धनौरा। धनौरा रेंज के मुकारमपुर, विरामपुर में आए दिन वन विभाग की जमीन पर दबंगों के अवैध कब्जे की शिकायत आती रहती हैं। अब कई महीने से हसनपुर रेंज का बिहारीपुर गांव काफी चर्चा में है।
यहां पर वन विभाग के अफसरों की मिलीभगत के चलते माफियाओं ने साढ़े 13 सौ बीघे जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। एसडीएम अशोक मौर्य ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए फसल की कुर्की के आदेश जारी किए थे, लेकिन अभी तक किसी की भी कुर्की नहीं की गई।
एसडीएम ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहसीलदार को फिर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय बैठकों के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। अब आरोपियों को रिमांडर भेजा जाएगा।