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नाला निर्माण: साढ़े छह साल में 30 करोड़ खपाए, नहीं निकला रहा पानी

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अमरोहा। शहर को जलभराव से राहत दिलाने के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम सवालों के घेरे में आ गया है। परियोजना की लागत और अवधि भी बढ़ गई है। हाल यह है कि 30 करोड़ से अधिक रकम खर्च कर दी गई हैं, लेकिन जलनिकासी की समस्या का हल नहीं हो सका है। इसके चलते कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
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नगर पालिका परिषद क्षेत्र की जलनिकासी के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के तहत नाला निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) के 30.08 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को दिसंबर 2014 में स्वीकृृति मिली। विभिन्न अवधि के दौरान कार्यदायी संस्था को कुल 30.08 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस नाले को मार्च 2017 में पूरा होना था, लेकिन साढ़े छह साल की लंबी अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक नाला निर्माण पूरा नहीं हो सका है। खास बात यह है नाले का उपयोग भी नहीं हो रहा है। इसके चलते हल्की बारिश में शहर के मोहल्लों से जल निकासी नहीं हो पाती है। पिछले सप्ताह बारिश के दौरान बड़ा दरबार, नियाजियान, जट बाजार, छंगा दरवाजा, चौक समेत कई निचले इलाके पानी से डूब गए।
पांच किलोमीटर है नाले की लंबाई, बान नदी में गिरेगा पानी
कांठ रोड के नाले में शहर के एक तिहाई मोहल्लों का पानी गिरेगा। आरसीसी से निर्मित नाले की लंबाई पांच किलोमीटर है। इसे शहर के राम तालाब से बान नदी तक बनाया जाना है, जिसमें छंगा दरवाजा, अहमद नगर, बड़ा दरबार, मंडी चौब, तहसील का इलाके, अफगानान, जट बाजार, चौक मोहल्ले शामिल है।
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कांठ रोड के नाले के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर में जल निकासी के वैकल्पिक तरीके अपनाने को अधिशासी अधिकारी को कहा है। बालकृष्ण त्रिपाठी, डीएम
डीएम ने पूछा, नाले का उपयोग क्यों नहीं, इंजीनियर चकराए
अमरोहा। डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने मंगलवार को कांठ रोड स्थित निर्माणाधीन नाला का निरीक्षण किया। लंबी अवधि और भारी भरकम रकम के खर्च करने के बावजूद नाला निर्माण नहीं होने पर हैरत जताई। सीएंडडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर से सवाल किया। भारी भरकम राशि खर्च होने के बावजूद जल निकासी नहीं होने के उनके तीखे सवाल से कार्यदायी संस्था के इंजीनियर सकपका गए। उन्होंने नाले को और उपयोगी बनाने के निर्देश दिए है।
कल्याणपुरा नाले में इन मोहल्लों का गिरता है पानी
शहर का 65 प्रतिशत पानी कल्याणपुरा नाले में गिरता है। वार्ड आवास विकास कॉलोनी, नल, सराय कोहना, मजापोता, मुल्लाना, लकड़ा, बाजार रज्जाक, किशनगढ़, मोहम्मदी सराय, काला कुंआ कल्याणपुरा रोड नाले में मिलता है।
कुंदन कॉलेज के पीछे इन मोहल्लों का आता है पानी
कुंदन कॉलेज के पीछे के नाले में बटवाल, तलवार शाह, पीरगढ़, लाल मस्जिद, दानिशमंदान, बाजार शफातपोता, बाजार कोट, बेगम सराय, बसावनगंज, कटरा गुलाम अली, छेवड़ा, काली पगड़ी, कोतवाली के आस पास के इलाके का पानी आता है।
कुशक और राम तालाब ओवरफ्लो होने से खेतों में पानी
अमरोहा। कांठ रोड के नाले के उपयोग नहीं होने से बारिश के दौरान कुशक और राम तालाब ओवरफ्लो करने लगता है। इसके चलते आम के बाग और खेत में पानी जाता है। लिहाजा किसानों को नुकसान हो रहा है।
सुबोधनगर में जल निकासी के लिए चार करोड़ से नाला
अमरोहा। शहर के जोया रोड स्थित सुबोध नगर और पुष्कर नगर में जल निकासी के लिए चार करोड़ से अधिक की परियोजना स्वीकृत हुई है। बस स्टेशन के पीछे से होकर नाला गुजरेगा। इसके अलावा जोया रोड में इंटरलॉकिंग भी कराई जाएगी। यह नाला विकास भवन होते हुए दासीपुर में पहुंचेगी।
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