फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जीवाड़े में फंसे तीन शिक्षकों की सेवा समाप्त

Fri, 14 Oct 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
पढ़ाने का तरीका रोचक बनाने को दिया प्रशिक्षण - फोटो : Logo
विज्ञापन
 फर्जी डिग्रियों व मार्कशीटों के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले तीन शिक्षकों पर विभागीय गाज गिरी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उनकी सेवा समाप्ति के साथ ही बीईओ को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


फर्जीवाड़े में फंसा एक शिक्षक अमरोहा, दूसरा हसनपुर व तीसरा गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। अफसरों ने यह कार्रवाई पूरी पड़ताल होने के बाद की है। अन्य के दस्तावेजों की तेजी के साथ पड़ताल चल रही है, जिससे उनकी धड़कने बढ़ी हुई हैं। 

बेसिक शिक्षा विभाग में करीब तीस शिक्षकों की डिग्रियां व मार्कशीट शक के दायरे में आई हैं। फर्जी होने की आशंका पर विभागीय अधिकारियों ने उनकी जांच पड़ताल शुरू कराई है। इसमें बीएड, बीटीसी की डिग्रियां हैं, जबकि हाईस्कूल से लेकर बीए तक की मार्कशीट हैं। ये डिग्रियां आगरा, लखनऊ व संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से हासिल की गई हैं। सूबे के कई जिलों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शासन ने प्रत्येक जिले के अफसरों को जांच करने के आदेश दिए हैं। 
विज्ञापन


इस पर तेजी के साथ काम चल रहा है। दर्जन भर शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई हैं। इनमें से तीन के खिलाफ गुरुवार को बीएसए ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले उनको नोटिस जारी किया था। कोई पुख्ता जवाब नहीं मिलने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी है।

अधिकारियों की बात पर यकीन करें जिन शिक्षकों की सेवा खत्म की है, उनमें एक हसनपुर, दूसरा अमरोहा, तीसरा गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के विद्यालयों में तैनात हैं। इसलिए बीएसए ने संबंधित ब्लाक क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। 

पहले भी पकड़े गए थे फर्जी शिक्षक
अमरोहा। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्रियों पर शिक्षक की नौकरी हथियाने का मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी ऐसा मामला विभाग में पकड़ा गया था। कई शिक्षकों की मार्कशीट फर्जी मिली थीं, जिन पर विभाग द्वारा कार्रवाई की गई थी। उधर माध्यमिक कालेजों में तैनात 15 शिक्षकों की डिग्रियां भी फर्जी पाई गई थीं, जिन पर मुरादाबाद जिले में मुकदमा कायम कराया गया था।

दस्तावेज जलाने को तो नहीं लगाई गई थी लेखा विभाग में आग 
अमरोहा। जिला बेसिक विभाग के लेखा विभाग कार्यालय में आग कहीं दस्तावेज जलाने के लिए तो नहीं लगाई गई थीं। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो उस समय भी कई शिक्षकों के प्रमाण पत्र शक के दायरे में आ गए थे, जिनकी जांच चलने की कार्रवाई शुरू होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही लेखा विभाग में आग लगा दी गई। तमाम अभिलेख जलकर राख हो गए। उसके बाद मसले को पेंडिंग में डाल दिया गया था। 


फर्जी दस्तावेज मिलने पर तीन शिक्षकों को टर्मिनेट कर दिया गया है। जबकि संबंधित बीईओ को मामले शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। अन्य शिक्षकों की डिग्रियों की भी जांच चल रही है।
विज्ञापन

शमीम खानम, बीएसए
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें