दशहरे पर घर संवारने के लिए तालाब में मिट्टी खोद रहीं कपासी गांव की देवरानी-जेठानी और सातवीं की छात्रा की ढांग गिर जाने से दबकर मौत हो गई। इसी हादसे में एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुन पहुंचे गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। सभी को जोया सीएचसी में ले जाया गया, जहां पर तीन को मृत घोषित कर दिया गया। किशोरी की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मंगलवार की सुबह दस बजे कपासी गांव की शशि (जेठानी)पत्नी नेमपाल सिंह, सुधा (देवरानी)पत्नी चंचल सिंह, अर्चना और शिवानी पुत्री महेश जाटव, सरिता पुत्री कलुआ, कमलेश पत्नी राजवीर जोलो वाले तालाब में चिकनी मिट्टी खोदने गई थीं। गांव के ही विक्की, विशेष और विमल भी साथ गए थे। तालाब गांव से करीब एक किमी दूर है। इसमें पांच फीट गहरी ढांग है। सबसे पहले सरिता और विशेष ने तालाब की ढांग से परात में मिट्टी भरी और बाहर आ गए।
इसके बाद शशि, सुधा, शिवानी और इसकी बहन अर्चना मिट्टी खोदने तालाब में उतरीं। चारों बेफिक्र होकर ढांग के नीचे मिट्टी खोद रहीं थीं। सरिता, कमलेश, विक्की, विशेष और विमल बाहर खड़े थे। इसी दौरान भरभराकर ढांग गिर गई। चारों मिट्टी के नीचे दब गईं। चारों को ढांग के नीचे दबा देख सरिता ने गांव में शोर मचाया। विशेष, विमल और विक्की ढांग के नीचे दब रहीं चारों को निकालने की कोशिश में जुट गए। इधर गांव के लोग फावड़े, परात, खुरपे, रस्सी आदि लेकर दौड़े।
कड़ी मशक्कत के बाद ढांग के नीचे दबी चारों को बाहर निकाला। आनन-फानन में जोया सीएचसी में पहुंचाया। शशि (35)पत्नी नेमपाल सिंह, सुधा (30) पत्नी चंचल सिंह और शिवानी (12) पुत्री महेश को मृत घोषित कर दिया। अर्चना पुत्री महेश को गंभीर हालत में सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम प्रवीणा, सीओ सिटी शील कुमार, तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह जोया सीएचसी पहुंचे। मृतकों के परिजनों को शासन से मदद दिलाने का आश्वासन दिया। खबर मिलते ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली भी सीएचसी पहुंच गए। प्रशासनिक अफसरों को मृतकाओं के परिजनों को शासन से मदद के निर्देेश दिए।