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बुखार से छात्रा समेत तीन की मौत

Fri, 14 Oct 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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vdzgbdsx - फोटो : Getty Images
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डिडौली में बुखार से हुई दो मौतों को लोग अभी भुला भी नहीं पाए थे कि ककराली में डेंगू ने महिला की जान ले ली। टीएमयू में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया, जबकि वायरल फीवर की गिरफ्त में आई कक्षा दो की छात्रा की निजी अस्पताल में मौत हो गई। वहीं हसनपुर में भी एक महिला की जान चली गई। घटना के बाद जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा है, वहीं ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। 
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ककराली गांव निवासी मरगूब की बेटी महक (7) गांव की ही प्राइमरी पाठशाला में कक्षा दो में पढ़ती थी। तीन दिन पहले उसको तेजी के साथ बुखार आया। जिस पर परिजनों ने निजी चिकित्सक से दवाई दिला दी। उपचार के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। लगातार तबियत बिगड़ती गई। घबराए परिवार के लोगों ने निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। जहां आधी रात के बाद करीब तीन बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डाक्टर के मृत घोषित करते ही परिजन रोने बिलखने लगे। मां शाहजहां का रो रोकर बुरा हाल है। 

उधर गांव के ही रहने वाले विजेंद्र की पत्नी सरोज देवी को सात दिन पहले बुखार आया था, जिसका इलाज पहले निजी चिकित्सक से चला। हालत नाजुक होने पर परिवार ने उसको टीएमयू में दाखिल करा दिया। जहां जांच में उसको डेंगू की पुष्टि हुई। कई दिन इलाज चला, मगर स्थिति नहीं सुधरी। रात करीब एक बजे उपचार के दौरान उसकी सांसें थम गईं। 
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उधर, हसनपुर क्षेत्र के गांव करनपुर माफी निवासी भागवती (40) पत्नी रनवीर को दो दिन से बुखार आ रहा था। हसनपुर में प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराने के बाद भी बुखार में सुधार नहीं हुआ। गंभीर हालत में मेरठ ले जाया गया,  बृहस्पतिवार को भागवती ने दम तोड़ दिया। अकेले गांव करनपुर माफी में पिछले 25 दिनों में बुखार से मरने वालों की संख्या अब आठ हो गई। गांव में हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है।

उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। रोजाना सात सौ, आठ सौ मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे है। बृहस्पतिवार को भी बुुखार से पीड़ितों की अस्पताल में भीड़ लगी रही।

सीएमओ डा. एसके जैन का कहना है कि बुखार से निपटने के लिए प्रत्येक अस्पताल में पर्याप्त दवाई है। जहां उसके फैलने की सूचना मिलती है, वहां पर विभागीय डाक्टरों की टीम जाती है। मरीजों का परीक्षण कर दवाई वितरित करती है। इसके अलावा मलेरिया व टायफाइड की जांच को स्लाइड भी बनाई जाती हैं। 
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