अमरोहा के संभल चौराहा हाईवे पर जाम लगाने के दौरान लगी वाहनों की कतार ।
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हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या कराने के आरोप में कैबिनेट मंत्री महबूब अली समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर हाईवे पर पांच घंटे जाम लगाकर बवाल करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट तो दर्ज नहीं की उल्टे हिस्ट्रीशीटर के पुत्र, भाई और समधी समेत 12 नामजद और 250 अज्ञात के खिलाफ रोड जामकर आगजनी करने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने तथा क्रिमिनल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
मुरादाबाद के मैनाठेर कोतवाली के डींगरपुर चौराहा स्थित कैबिनेट मंत्री महबूब अली के रिश्तेदार के पेट्रोलपंप पर फत्तेहपुर टिकिया गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की शनिवार शाम हत्या के बाद तुर्क समाज के लोगों में उबाल आ गया था। शौकत के परिजनों में मंत्री समेत अन्य लोगों पर षड्यंत्र रचकर हत्या कराने का आरोप लगाया था।
रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में पहुंचते ही लोग आक्रोशित हो गए थे। मंत्री महबूब अली, उनके भाई भूरे उर्फ महमूद अली, दामाद पेट्रोल पंप संचालक गुलाम जिलानी के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने और इरशाद, गुलाम रब्बानी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर संभल-जोया चौराहा नेशनल हाईवे पर शव रख जाम लगा दिया था। आगजनी की थी। पांच घंटे हाईवे बवालियों के हवाले रहा था। गुस्साए लोग मंत्री की बर्खास्तगी कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। मंत्री के पुतले भी फूंके गए थे।
प्रशासनिक अफसरों ने मिली तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया था। तहरीर पर कैबिनेट मंत्री और रिश्तेदारों पर तो कोई कार्रवाई नहीं हुई अलबत्ता हाईवे पर पांच घंटे जाम लगाकर बवाल करना प्रदर्शनकारियों को महंगा पड़ गया है। डिडौली कोतवाली में हिस्ट्रीशीटर के पुत्र, भाई और समधी समेत 12 नामजद और 250 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है।