फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: ब्रजघाट चौकी पुलिस ने पकड़ी 2450 एविल इंजेक्शन लदी ईको गाड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
गजरौला। ब्रजघाट चौकी पुलिस ने दरियापुर खादर के निकट गंगा तट बांध पर 2450 एविल इंजेक्शन लदी ईको गाड़ी पकड़ी। उसमें इंजेक्शन लाद रहे दो आरोपी पुलिस को देख भाग निकले। पुलिस को ईको से आधार कार्ड बरामद हुआ। संभावना जताई जा रही है कि दवाई के इंजेक्शनों को आस पास में बनाया जा रहा था।
विज्ञापन

सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि रविवार की दोपहर ब्रजघाट चौकी इंचार्ज नीतेंद्र वशिष्ठ चौकी स्टाफ के साथ गंगा तट बांध पर गश्त कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने देखा कि दरियापुर खादर के सामने गंगा तट बांध पर एक ईको गाड़ी खड़ी है। दो युवक उसमें कुछ सामान लाद रहे हैं। पुलिस को देख दोनों आरोपी भाग निकले। एक का आधार कार्ड गिर गया। जिसे पुलिस ने उठा लिया। पुलिस ने ईको कब्जे में ली। सूचना औषधि निरीक्षक रुचि बंसल को दी। मौके पर पहुंचीं औषधि ने जांच पड़ताल की। जिसमें पाया कि ईको एविल के इंजेक्शन बरामद हुए है। जिनकी संख्या 2450 है। उधर, पुलिस को मिले आधार कार्ड के जरिए पता चला कि गाड़ी दिल्ली की है। जिसे किराए पर लाया गया था। इससे यह बात तो स्पष्ट हो गई कि नकली दवाई के इंजेक्शनों को दिल्ली और अन्य शहरों में सप्लाई किए जाने की तैयारी थी। ईको को पुलिस ने सीज कर दिया।




इंजेक्शन के दवाई का रैपर पर मिला मुंबई की कंपनी का नाम
गजरौला। ईको से बरामद इंजेक्शनों के रेपर पर मुंबई की कंपनी का नाम लिखा था। पुलिस और ड्रग्स इंस्पेक्टर ने कंपनी से बात की तो उसने इंकार कर दिया। बताया कि इस नाम की दवाई के इंजेक्शन उसके यहां नहीं बनते। इससे स्पष्ट हो रहा है कि इंजेक्शन गजरौला या हसनपुर क्षेत्र में ही बनाए जा रहे हैं। इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि बीते महीने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सैल ने सलेमपुर गौसाईं के जंगल में जो नशीली दवाई बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी, उसका जखीरा तो नहीं है, जिसे दिल्ली ले जाने की तैयारी थी।
विज्ञापन


एविल इन्जेक्शन एक एंटीएलर्जिक दवा
गजरौला। औषधि निरीक्षक ने बताया कि एविल इन्जेक्शन एक एंटी एलर्जिक दवा है। यह रासायनिक मैसेंजर (हिस्टामाइन) की क्रिया को अवरुद्ध करके काम करता है। यह कीट के काटने/स्टिंग, कुछ दवाओं, हाइव्स (रैशेस, सूजन आदि) के कारण हुए गंभीर एलर्जिक रिएक्शन के लक्षणों से राहत देता है। इसके लगाने से नींद भी आती है। ऐसे में नशे के आदी लोग इसका प्रयोग करते हैं।

जांच को भेज जा रहे सेंपल
औषधि निरीक्षक ने बताया कि सभी इंजेक्शन कब्जे में ले लिए गए हैं। इंजेक्शन नकली हैं या फिर असली। इसकी जांच के लिए नमूने प्रयोग शाला भेजे जा रहे हैं। बताया कि गाड़ी से इंजेक्शन की खरीद से संबंधित कोई बिल भी नहीं मिला हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें