अमरोहा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों, आजाद समाज पार्टी के 22 पदाधिकारियों व नेताओं को पुलिस ने नजरबंद रखा।
शुक्रवार शाम से शनिवार दोपहर तक पुलिस उनके घरों पर तैनात रही। इससे जिले से कोई नेता प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली नहीं जा सका। डीएम डॉ. नितिन गौड़ और एसपी लखन सिंह यादव ने भी घटनाक्रम पर नजर रखी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सीजेपी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके मद्देनजर शासन ने दिल्ली-एनसीआर से जुड़े जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। एसपी ने पुलिसकर्मियों को निगरानी के निर्देश दिए, जिसके बाद शुक्रवार शाम से नेताओं के घरों पर पहरा लगा दिया गया।
नजरबंद किए गए लोगों में भाकियू इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिमाग सिंह, जिलाध्यक्ष लोकेश विधूडी, भाकियू असली के मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह, भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी, आजाद समाज पार्टी के मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र राणा और जिलाध्यक्ष मनोज कुमार शामिल हैं। भीम आर्मी और सीजेपी के पदाधिकारी भी पुलिस की निगरानी में रहे।
उधर, पितृ अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस हाईवे पर भी अलर्ट रही। पाकबड़ा से ब्रजघाट तक बैरियर लगाकर निगरानी की गई। ब्रजघाट बॉर्डर पर वाहनों की जांच के बाद उन्हें दिल्ली की ओर जाने दिया गया। सपा और कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने की कोई गतिविधि सामने नहीं आई। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे लोगों की निगरानी की जा रही है।