अमरोहा। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत जिले में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 217 बच्चे अब तक स्कूलों में दाखिले से वंचित हैं। इससे अभिभावकों को लगातार स्कूलों और शिक्षा विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
जिले में इस वर्ष आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में करीब 2400 बच्चों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 1917 बच्चों का चयन हुआ, जबकि लगभग 1700 बच्चों ने अब तक प्रवेश ले लिया है। हालांकि 217 बच्चों का दाखिला विभिन्न कारणों से अटका हुआ है।
अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल जानबूझकर दाखिला देने में देरी कर रहे हैं और उन्हें बार-बार लौटाया जा रहा है। आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अधिकार दिया गया है। बावजूद इसके कई परिवार अब भी अपने बच्चों के प्रवेश को लेकर परेशान हैं।
जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि कई मामलों में अभिलेखों की त्रुटियां, वार्ड निर्धारण की समस्या और दस्तावेज अधूरे होने के कारण प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई है। लंबित मामलों का समाधान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी पात्र बच्चों का दाखिला सुनिश्चित कराया जाएगा।