अमरोहा। जिले में बच्चों को सेहतमंद बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। कुपोषित बच्चों की संख्या में गिरावट नहीं आ रही है। इसके चलते जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में 2,109 बच्चे अति कुपोषित यानी लाल श्रेणी में हैं जबकि 9,557 बच्चें पीले श्रेणी में है। यानी इन लोगों का वजन कम है।
जिले में 1,430 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बाल विकास और पुष्टाहार विभाग की ओर से शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों की देखरेख की जाती है। इन बच्चों को प्रति महीने सूखा राशन दिया जा रहा है। ताकि यह बच्चें सुपोषित रहें। जिले में कुल 1,89,641 बच्चें पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्र की ओर से बच्चों का शहर और गांव में चिह्नांकन किया गया जिसमें उनके उम्र के अनुसार वजन और लंबाई का मापन किया गया। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच की गई। इसमें केवल 1,49,441 बच्चे सामान्य मिले। पीले श्रेणी में कुल 9,557 बच्चे मिले इनका वजन कम है। इसके अलावा 2,109 बच्चे लाल श्रेणी में है। हालांकि प्रति महीने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक डोर टू डोर भ्रमण भी कर रही हैं। बावजूद इसके प्रगति में सुधार नहीं आ रहा है। सर्वाधिक अतिकुपोषित बच्चे जोया ब्लॉक में 428 हैं। वहीं शहर में 120 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं जिसमें 216 बच्चे अतिकुपोषित शामिल हैं। ऐसे में शहर के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में औसतन दो बच्चे अति कुपोषित हैं।