चार साल पहले किसान बाबूराम की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में एक परिवार के 12 लोग दोषी पाए गए हैं। इनमें तीन बाल आपचारी हैं। वहीं, दूसरे परिवार के लोगों से मारपीट करने के मामले में मृतक के परिवार के भी नौ लोग दोषी पाए गए हैं। कोर्ट का फैसला आने के बाद सभी 20 दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। एक हत्यारोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सजा के प्रश्न पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
यह घटना नौ जुलाई 2020 को डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फरासपुरा गांव में हुई थी। गांव किसान बाबूराम और उनके भाई स्व. रामफल के परिवार रहते हैं। बाबूराम और उनके भतीजे बलवीर के बीच रास्ते में दीवार को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन सुबह करीब छह बजे बाबूराम बच्चों के साथ घर में बैठे थे। तभी, भतीजे बलवीर ने परिवार के लोगों के साथ लाठी-डंडों और सरियों से लैस होकर उनके घर पर चढ़ाई कर दी थी। उन्होंने बाबूराम को बुरी तरह पीटा। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई थी।
बचाव में आए परिवार के उमेश, रामचंद्र, शिवचंद, रचना, राधेश्याम व सुमित्रा के भी पीटकर लहूलुहान कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले थे और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया था।
मामले में मृतक बाबूराम के बेटे राधेश्याम की तहरीर पर चमन सिंह, पवन, उभन उर्फ विपुल, चंद्रपाल सिंह, बलवीर, देवेंद्र, मोहित, रोहित, सतीश, विकास, कमलकांत, अजब सिंह, विनोद समेत 16 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था।
जबकि, बलवीर पक्ष ने कोर्ट की शरण ली और परिवाद दायर किया। इसमें मृतक बाबूराम पक्ष के राजेश उर्फ राधेश्याम, उमेश सिंह, दिनेश सिंह, रचित, दीपक, रामचंद्र, अमित, शिवचंद्र और मोहित को मारपीट के दौरान हड्डी तोड़ देने का आरोपी बनाया। फिलहाल, सभी जमानत पर बाहर थे। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम हेमलता त्यागी की अदालत में चल रही थी।
मंगलवार को कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई की और किसान की हत्या में मोहित, चमन, उभन उर्फ विपुल, विकास, रोहित, पवन, देवेंद्र, बलवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह समेत 12 लोगों को दोषी करार दिया। दोषियों में तीन बाल आपचारी हैं। जबकि, हत्यारोपी चंद्रपाल सिंह का स्वास्थ्य खराब है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। न्यायालय ने उन्हें भी न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया है। उधर, मारपीट करने के मामले में राजेश उर्फ राधेश्याम, उमेश सिंह, दिनेश सिंह, रचित, दीपक, रामचंद्र, अमित, शिवचंद्र और मोहित को दोषी करार दिया है।
कोर्ट का फैसला आने के बाद हत्या और मारपीट के सभी बीस दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि सजा के प्रश्न पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
परिजनों ने कलक्ट्रेट पर किया था हंगामा
घटना में किसान की हत्या के बाद घायल परिजनों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया था। यहां डीएम कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठे परिजनों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। प्रार्थनापत्र देने के डेढ़ महीने बाद भी सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया था।
हत्या से पहले चार लोगों पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
किसान बाबूराम की हत्या नौ जुलाई 2020 को हुई थी। लेकिन, इससे पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार मारपीट की घटना हुई थी। हत्या की घटना से पहले बलवीर पक्ष के विनोद कुमार ने मृतक बाबूराम के बेटे राजेश उर्फ राधेश्याम, उमेश, रचित और दीपक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने राजेश उर्फ राधेश्याम और उमेश के खिलाफ जार्चशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
घायलों के शरीर पर थे बेरहमी के निशान
डिडौली क्षेत्र के गांव फरासपुरा में हुई हमले की कहानी घायलों के शरीर बयां हो रही थी। उनके शरीर पर लाठी-डंडों के निशान साफ दिखाई दे रहें थे। जिस तरह से घटना हुई थी, उससे लगा रहा था कि हमलावर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।