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क्रय केंद्रों में 2,000 मीटिक टन धान, तिरपाल का सहारा, बारिश हुई भीगना तय

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अमरोहा। भैयादूज की पूर्व संध्या पर हुई बारिश से किसानों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। क्योंकि कुछ किसानों की धान की पकी फसल अभी खेत में खड़ी है। इसलिए किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। वहीं, क्रय केंद्रों पर रखे 2000 मीट्रिक धान को भीगने से बचाने के लिए सिर्फ तिरपाल का सहारा है। ऐसे में बारिश से धान के भीगने की आशंका है।
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जिले के किसानों द्वारा अब तक 5667 मीट्रिक धान बेचा गया है। इसमें से क्रय केंद्रों पर 2,000 मीट्रिक टन धान उठने से बचा है। इसे मिलर्स के पास भेजना है, लेकिन दिवाली की छुट्टी के चलते इससे भेजा नहीं जा सका है। वहीं, रेलवे स्टेशन रोड स्थित क्रय केंद्र पर धान को बारिश में भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और पन्नी से बोरियों को ढका गया है। रविवार की शाम को हुई बारिश का असर सोमवार को भी देखने को मिला देहात क्षेत्रों में किसान धान को बारिश से भीगने से बचाने के लिए कवायद में जुटे रहे। किसानों ने कटी धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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