रजबपुर/अमरोहा। मुरादाबाद के टकराव के बाद मंगलवार की आधी रात को करीब दो सौ से अधिक किसान अमरोहा से होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरान स्थानीय प्रशासन ने किसानों को समझाने की कोशिश भी की। लेकिन, वह नहीं माने। किसानों का आक्रोश देखकर प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। मुरादाबाद प्रशासन से फोन पर बात कर किसानों को आगे जाने दिया। सुरक्षा के लिहाज से जोया टोल प्लाजा सहित हाईवे पर कई जगह भारी पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तीनों कृषि कानूनों के वापस लिए जाने तक आरपार के आंदोलन की चेतावनी दी है।
नए कृषि कानूनों के विरोध में देश भर के किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। सोमवार को पीलीभीत, बरेली और अन्य जनपदों के सैकड़ों किसान दिल्ली के लिए कूच कर रहे थे। तभी, किसानों को रोकने आए मुरादाबाद और रामपुर के पुलिस कप्तानों को किसानों ने घेर लिया था। मंगलवार को आक्रोशित किसानों ने जमकर बवाल किया था। गुस्साए किसानों ने मुरादाबाद के एसएसपी प्रभाकर चौधरी की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया था। इस दौरान उन्हें हल्की चोटें भी आई थीं। कई घंटों तक किसान और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। मुरादाबाद में टकराव की खबर मिलते ही मंगलवार की शाम को ही अमरोहा के डीएम उमेश मिश्रा और एसपी सुनीति भारी फोर्स के साथ जोया टोल प्लाजा पर पहुंच गए थे। सुरक्षा-व्यवस्था के लिहाज से रात भर टोल पर डेरा जमाए रहे। करीब एक बजे अलग-अलग जत्थों के साथ करीब 200 से अधिक किसान जोया टोल पर पहुंचे। यहां डीएम और एसपी ने किसानों से बात कर समझाने की कोशिश की लेकिन, किसान नहीं माने। उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि मुरादाबाद प्रशासन ने उन्हें आगे जाने की अनुमति दी है। तभी डीएम ने मुरादाबाद प्रशासन से फोन पर वार्ता की। इसके बाद किसानों को आगे दिल्ली की तरफ जाने की इजाजत दी गई। किसानों की उग्रता को लेकर जिला प्रशासन की सांसे फूल रहीं थीं। सुरक्षा-व्यवस्था के लिहाज से बुधवार को भी दिनभर पुलिस जोया टोल प्लाजा पर मुस्तैद रही।