अमरोहा। जिले के 1.97 लाख लोग पात्र होने के बाद भी आयुष्मान कार्ड बनवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके लिए दिसंबर की शुरुआत में अभियान भी चलाया गया, जिसमें सिर्फ सात हजार लोगों के ही कार्ड बन सके। अब पांच जनवरी से फिर कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
यदि यह लोग इस बार कार्ड नहीं बनवाते तो इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। साथ ही ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा जिनका निधन हो चुका हैं। जिले की आबादी करीब 23 लाख के पार है। केंद्र सरकार ने 2011 की गणना के अनुसार गरीब श्रेणी के लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, अंत्योदय राशन कार्ड और राशन कार्ड में छह यूनिट से ज्यादा वाले पात्र सात लाख लोगों के कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष पांच लाख लोगों के कार्ड बन चुके हैं जबकि 70 हजार लोग आयुष्मान कार्ड का लाभ उठा चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में जिला अमरोहा उत्तर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
वहीं, उपचार दिलाने के मामले में सातवें पायदान पर था। आयुष्मान विभाग के जिला सूचना प्रबंधक विशेष चौहान ने बताया कि योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों के लिए उपचार की सुविधा करने के मकसद से केंद्र सरकार ने इस योजना को चलाया गया। पिछले करीब एक साल में 70 साल और उससे ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने की योजना आई।
इसके बाद से जनपद में 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि पात्र होने के बाद भी जनपद के दो लाख लोगों ने कार्ड नहीं बनवाया था। सरकार ने ऐसे लोगों को एक और मौका दिया।
इसके बाद करीब 25 दिनों तक अभियान चलाकर करीब सात हजार लोग कार्ड बनवाने आगे आए थे। अभी 1.97 लाख लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए एक बार फिर पांच से 25 जनवरी तक अभियान चलाया जाएगा।