अमरोहा। सीएमओ दफ्तर में वर्षों से जमे भ्रष्टाचार के आरोपी दो बाबुओं का तबादला हो गया है। दोनों के खिलाफ तत्कालीन डीएम उमेश मिश्रा ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें स्टेनो विजय पाल सिंह को रायबरेली और लिपिक जोहर सिंह को लखनऊ भेजा गया है। दोनों पर आय से अधिक संपत्ति, वित्तीय अनियमितताएं और अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगे हैं। प्रकरण की जांच सीडीओ कर रहे हैं। वहीं, तबादले के तीसरे दिन भी दोनों को रिलीव नहीं किया गया है। इसके अलावा दो एसीएमओ समेत 16 और स्वास्थ्य कर्मियों का तबादले हुए हैं।
पिछले दिनों सीएमओ कार्यालय के स्टेनो विजयपाल सिंह और लिपिक जौहर सिंह के खिलाफ शिकायत हुई थी। जिसमें आरोप था कि दोनों पिछले तेरह साल से कार्यरत हैं। दोनों ने अपने कार्यकाल में विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रभाव में लेकर गुटबाजी कराई और सरकारी काम में बाधा डाली। इसके अलावा उनके ऊपर भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति जुटाने, वित्तीय अनियमितताएं बरतने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की है। इस मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकिशोर चौहान, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य चंद्रपाल खड़गवंशी, मुनेश देवी, विधायक महेंद्र सिंह खडगवंशी, डीएम, एडीएम और विभागीय अधिकारियों ने शिकायतों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत कर शासन को एक रिपोर्ट भेजी थी। शासन ने भी आरोप पत्र जारी किया था। फिलहाल इन गंभीर आरोपों की जांच सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल कर रहे हैं। इसी बीच गुरुवार की देर शाम शासन ने सूबे के 984 स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला किया है। जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपी स्टेनो विजय पाल सिंह को रायबरेली और लिपिक जोहर सिंह को लखनऊ भेजा गया है। इसके अलावा दो एसीएमओ, एक डॉक्टर, सात अन्य बाबू, दो फार्मासिस्ट और तीन स्टाफ नर्स का ट्रांसफर किया गया है।