अमरोहा। जिले में सहकारी व्यवस्था किसानों की आर्थिक और कृषि जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान में जनपद में कुल 45 सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 1.75 लाख किसान सदस्य के रूप में पंजीकृत हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को खेती के लिए ऋण, खाद और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। सभी समितियों पर साल 2028 में चुनाव होंगे।
सहकारी विभाग के अनुसार यदि कोई नया किसान समिति का सदस्य बनना चाहता है तो उसे मात्र 200 रुपये की नाममात्र शुल्क रसीद कटवानी होती है। इसके बाद वह समिति की सदस्यता प्राप्त कर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ ले सकता है। विभाग लगातार नए किसानों को जोड़ने की प्रक्रिया भी चला रहा है, जिससे अधिक से अधिक किसान योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता वरुण अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में जिले की सहकारी समितियों में 1.75 लाख किसान जुड़े हुए हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समितियों से जोड़ने का मुख्य उद्देश्य उन्हें सस्ते ऋण और समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराना है, जिससे कृषि उत्पादन में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों का चुनाव वर्ष 2028 में प्रस्तावित है। चुनाव प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होती है, जिसमें सबसे पहले किसान अपने डेलीगेट का चयन करते हैं। इसके बाद ये डेलीगेट डायरेक्टरों का चुनाव करते हैं और अंत में डायरेक्टर सभापति एवं उपसभापति का चयन करते हैं। यही पदाधिकारी समितियों के संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं।