मंडी धनौरा। विकास खंड की ग्राम पंचायत इंदरपुर के प्राइमरी स्कूल में कार्यरत शिक्षिका डा. रूबी सिंह को सर्वोत्तम लेखन के लिए आईआईटी रुड़की द्वारा राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सुधीश पचौरी ने शुक्रवार को समारोहपूर्वक उनको स्वर्ण पदक और पुरस्कार सौंपा। इस अवसर पर सुधीश पचौरी ने डा. कटारिया को महिला सशक्तीकरण का उदाहरण बताया।
अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका मंथन में प्रकाशित रूबी कटारिया के लेख विश्व संपर्क भाषा के रूप में हिंदी का बढ़ता वर्चस्व को आईआईटी रुड़की द्वारा प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया था। शुक्रवार को आईआईटी रुड़की के आडिटोरियम में प्रख्यात साहित्यकार सुधीश पचौरी और आईआईटी के निदेशक अजीत चतुर्वेदी द्वारा डा. रूबी कटारिया को राजभाषा पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सुधीश पचौरी ने कहा कि हिंदी भाषा की ताकत को अब इंटरनेट की दुनिया भी मान रही है। उन्होंने हिंदी भाषा का प्रयोग करने पर जोर दिया। इस अवसर पर रूबी कटारिया के पति और पर्यावरणविद डा. यतींद्र कटारिया भी मौजूद रहे।