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गंगा में उफान, 201 गेज मीटर तक पहुंचा जलस्तर, अलर्ट जारी

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खादर के किसानों में बाढ़ को लेकर दहशत बरकरार
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गंगा खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे बह रही

अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ों पर लगातार हो रही झमाझम बरसात और हरिद्वार-बिजनौर बैराज से भारी मात्रा में छोड़े जा रहे पानी से गंगा उफान पर है। गंगा खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 201 गेज मीटर तक पहुंच गया। इसकी सूचना से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर दहशत तेज हो गई। बुुधवार को भी बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जो गुरूवार तड़के ब्रजघाट व तिगरी में पहुंच जाएगा। यानी अभी जलस्तर और बढ़ेगा। इस समय गंगा अपने खतरे के निशान से महज 0.90 गेज मीटर नीचे है। मंडी धनौरा तहसील के कुछ गांवों में पानी घुस गया है। बाढ़ अफसरों द्वारा खादर किसानों को बार-बार अलर्ट किया जा रहा है।
सोमवार व मंगलवार को बिजनौर बैराज से गंगा में करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे गंगा का जलस्तर दो दिनों में 60 सेमी तक बढ़ गया। बुधवार को गंगा का जलस्तर तिगरी में 201 गेज मीटर तक पहुंच गया। हालांकि शाम के समय जलस्तर में थोड़ी गिरावट देखी गई। लेकिन अब भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। किसानों की चिंताए बढ़ती जा रही है। गंगा किनारे बसे खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया। तिगरी में गंगा किनारे करीब दो हजार बीघा से भी ज्यादा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में बुधवार को बाढ़ का पानी भर गया। उधर, ओसीता जग्देपुर के जंगल में करीब एक हजार बीघा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में पच्चीस दिनों से भरा हुआ पानी और बढ़ गया है। मंगलवार को ढाई से तीन फीट तक जमा पानी बुधवार को एक फीट तक और बढ़ गया। इससे जबसे ज्यादा परेशानी किसानों को पशुओं के लिए चारा लाने में हो रही है। मुख्य रास्ते पर साढ़े चार फीट तक पानी भरा होने से छोटे कद के लोगों को पैदल जाने में डूबने का खतरा बना हुआ है। मंगलवार को ब्रजघाट में 200.55 व तिगरी में 200.85 गेज मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को बढ़कर ब्रजघाट में 200.85 व तिगरी में 201.00 तक पहुंच गया। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से महज एक मीटर नीचे है। बाढ़ अफसरों द्वारा खादर किसानों को बार-बार चेतावनी दी जा रही है।
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पहाड़ों पर लगातार बरसात से भारी मात्रा में पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों में बार-बार हाई अलर्ट जारी किया जा रहा है। जलस्तर गुरुवार को और भी बढ़ सकता है। बाढ़ की स्थिति किसी भी समय बन सकती है।
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- प्रदीप कुमार सागर, जेेई बाढ़ खंड तिगरी।


बाढ़ के पानी से फसलें जलमग्न
मंडी धनौरा। पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा नदी उफान पर है। तहसील के खादर क्षेत्र में स्थित गांव रसूलपुर भांवर को जाने वाले मार्ग में दूसरे दिन भी पानी भरा हुआ है। हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई है। लोगों को अपने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था में दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के गांव रसूलपुर भांवर, देवीपुरा, इब्राहीमपुर, विसावली, रमपुरा खादर, चांदरा फार्म आदि के जंगल में बाढ़ का पानी घुस आया है। लोगों को अपनी जान पर खेलकर खेतों में जाना पड़ रहा है। उपजिलाधिकारी संजीव यादव ने बताया कि रसूलपुर भांवर का मार्ग निचला होने की वजह से पानी भरा हुआ है। किसी भी गांव में बाढ़ का पानी घुसने की सूचना नहीं है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
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