प्रदूषण हमारे यहां, नौकरी बाहरियों को, नहीं चलेगा
गजरौला की उमंग डेयरी का मामला, डेयरी गेट पर धरने पर बैठे क्षेत्र के युवा, नोकझोंक
कंपनी प्रबंधन से नोकझोंक, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
क्षेत्रीय युवाओं को नौकरी न देने पर युवा भड़क गए। गजरौला स्थित उमंग डेयरी के गेट पर आक्रोशित युवा धरने पर बैठ गए। उन्हें हटाने पहुंचे फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस ने उनकी जमकर नोकझोंक हुई। फिर काफी देर बाद पुलिस के समझाने पर वह शांत हुए और वापस लौट गए।
छात्र नेता दीपक भड़ाना के नेतृत्व में उमंग डेयरी पर एकत्र हुए युवाओं ने कहा कि गजरौला क्षेत्र में फैक्ट्रियों के प्रदूषण को यहां के स्थानीय लोग झेल रहे हैं और फैक्ट्रियों में नौकरी बाहरी जिलों के लोगों को दी जाती हैं। यहां सिक्योरिटी से भी स्थानीय लोगों को निकाला जा रहा है। दो दिन पहले स्थानीय दो लोगों को सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से हटा दिया गया। कहा कि दूर के कर्मचारी काम पर रखने से उनका शोषण हो रहा है। वे बेरोजगार हो रहे हैं। जबकि स्थानीय लोग शोषण सहन नहीं कर सकते। आरोप लगाया कि दो माह पहले संभल के युवक की हत्या कर मामला दबा दिया गया। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है। फैक्ट्री में हंगामे की सूचना पर प्रबंधक समेत अन्य जिम्मेदार अफसर मौके पर पहुंचे। युवाओं के तेवर को देखकर पुलिस बुला ली गई। पुलिस के साथ भी नोकझोंक हुई। हालांकि डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने युवाओं को शांत कराया।
डेयरी में कार्यरत सत्तर फीसदी लोग स्थानीय हैं। स्थानीय लोगों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है। हंगामा कर रहे लोगों को समझा दिया गया है। सिक्योरिटी गार्ड की कंपनी अलग है। वह अपने विवेक से लोगों को पर ड्यूटी पर रखते हैं, इसमें डेयर की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाता है।
- अरूण कुमार, प्रबंधक उमंग डयेरी, गजरौला।