अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाके में हो रही बरसात धीमी होते ही इसका असर मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में पच्चीस सेमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन बाढ़ को लेकर पहले से बनी खादर किसानों की बैचेनी बरकरार है। अब जलस्तर घटना से गंगा किनारे बसे गांवों में कटान का खतरा बन गया है। गंगा का बहाव काफी तेज है। शीशोवाली की आबादी में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। वहीं ओसीता जग्देपुर के कृषि क्षेत्रफल में बाढ़ के पानी की मात्रा अधिक होने से ज्यादा परेशानी बनी हुई है। मंगलवार को एसडीएम ने तिगरी गंगा पहुंच पीएसी के जवानों के साथ नाव में बैठकर गंगा के बढ़े जलस्तर का मुआयना किया।
सोमवार व मंगलवार को जलस्तर में करीब 25 सेमी की कमी दर्ज की गई। जलस्तर घटकर तिगरी में 200.70 गेज मीटर हो गया है। इससे खादर किसानों को थोड़ी राहत की सांस जरूर मिली होगी। लेकिन बाढ़ की आशंका को लकर खादर किसानों की बैचेनी बरकरार है। तिगरी व ओसीता जग्देपुर समेत आधा दर्जन गांवों के गंगा किनारे हजारों बीघा कृषि क्षेत्रफल में लहलहा रही गन्ना, धान व बाजरे की फसल बाढ़ के पानी से लबालब हैं। गन्ने की फसल को कम नुकसान है, लेकिन बाजरा व धान की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। मंडी धनौरा क्षेत्र में गांव में फसलें खराब होना शुरू हो गई हैं। ओसीता जग्देपुर के जंगल में चार फीट तक रास्तों पर भरे पानी से गुजर कर खेतों तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए मुश्किल काम हो गया है। अगर कोई वहां तक पहुंच भी जाए तो पानी में चार फीट तक डूब चुका चारा काटना आसान काम नहीं है। बुग्गी भैंसा से भी चारा लाना बहुत मुश्किल हो गया है। किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ज्यादातर किसान पशुओं को सूखा भूसा खिलाकर ही समय काट रहे हैं। उधर, शीशोवाली गांव की आबादी में कई दिन पहले ही बाढ़ का पानी घुस चुका है। मंगलवार को एसडीएम संजीव यादव ने तिगरी पहुंचकर गंगा का मुआयना किया। पीएसी के जवानों के साथ नाव में बैठकर बढे़ जलस्तर को देखा। साथ ही पीएसी के जवानों को जलस्तर पर नजर बनाए रखने और वहां की हर गतिविधि को देखने की सलाह दी। एसडीएम ने बताया कि किसी भी समय बाढ़ की स्थिति बनने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। मंगलवार को भी बिजनौर बैराज से करीब अस्सी हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। जिससे बुधवार को गंगा के जलस्तर में इजाफा होने की आशंका है। मंगलवार को जलस्तर घटकर ब्रजघाट में 200.55 व तिगरी में 200.70 गेज मीटर दर्ज किया गया।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ की स्थिति बनने पर बचाव के लिए पीएसी के जवान नाव के साथ वहां मौजूद हैं। हालांकि गंगा अभी खतरे के निशान से नीचे है। लेकिन पहाड़ों पर मानसून अभी बना हुआ है। बाढ़ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
- संजीव यादव, एसडीएम मंडी धनौरा।