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बिना हटाए ही ध्वस्त हो गया रामगंगा पोषक नहर का पैन्टून पुल

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अमर उजाला ब्यूरो
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गजरौला।
सांसद कंवर सिंह तंवर के गोद लिए गांव चकनवाला से होकर जा रही रामगंगा पोषक नहर पर अस्थायी रूप से बना पुल प्रशासन द्वारा हटाने से पहले ही ध्वस्त हो गया है। प्रशासन द्वारा अमूमन पंद्रह जून के बाद पैंटून पुल को हटा दिया जाता है। पुल ध्वस्त होने से किसानों को वाहन आदि ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आवागमन में परेशानी से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं। नहर में जल स्तर बढ़ने से इन गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट सकता है।
चकनवाला गांव में नहर के दूसरी ओर गांव जाटो वाली, ढाकों वाली, शीशों वाली, मीरापुर, सुल्तानपुर, भुटठो वाला, लालावाली का घेर, बसंतपुर, कुईया वाली, मीरापुर एतमाली, दारानगर, बिसावली, टीको वाली, मुरादपुर, रंपुरा आदि गांव के लोग इसी रामगंगा पोषक नहर को पार करके गजरौला आते हैं। प्रशासन द्वारा पैंटून पुल नवंबर-दिसंबर के महीने में बनाया जाता है और पंद्रह जून के आसपास मानसून आते ही हटा लिया जाता है। यानी जब लोगों को पुल की बहुत जरूरत है। तब पुल हटा लिया जाता है। अभी पुल को हटाया भी नहीं गया है, लेकिन पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। पुल से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। नहर में अभी घुटनों तक ही पानी है, तो लोग पैदल ही नहर पार कर रहे हैं। लोग बाइक पर सवार होकर नहर पार कर रहे हैं। मानसून आते ही नहर में जलस्तर बढ़ जाएगा और एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट जाएगा। हालांकि जलस्तर बढ़ने पर नहर को नाव से पार किया जाता है, लेकिन प्रशासन द्वारा इसमें कोई मदद नहीं की जाती। ग्रामीण अपने स्तर से ही नाव की व्यवस्था करते हैं। जलस्तर किसी भी दिन बढ़ सकता है। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण की मांग करते रहते हैं, लेकिन प्रशासन उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है।
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एक दशक से हो रही स्थायी पुल बनवाने की मांग
गजरौला। गांव चकनवाला से होकर गुजरने वाली रामगंगा पोषक नहर पर स्थायी पुल बनवाने की मांग पिछले एक दशक से होती रही है। लेकिन आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव के समय नेताओं से तो पुल निर्माण की मांग की जाती है तो इसके बाद प्रशासन से भी लगातार ग्रामीण स्थायी पुल बनवाने की मांग करते रहे हैं। छात्र नेता दीपक भड़ाना समेत कई संगठन पुल बनवाने की आवाज उठाते रहते हैं।

बोले ग्रामीण - सरकार से उठा भरोसा
गजरौला। गांव चकनवाला से होकर गुजरने वाली रामगंगा पोषक नहर पर स्थायी पुल बनवाने की लगातार मांग के बावजूद भी इसे बनवाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा सका। इसे लेकर ग्रामीणों का सरकार से भरोसा उठ चुका है। पोषक नहर के दूसरे तरफ बसे गांव जाटो वाली निवासी चंद्रपाल, गुलाब सिंह व महेंद्री का कहना है कि स्थायी पुल के अभाव में बहुत परेशानी होती है। अस्थायी पुल की जब ज्यादा जरूरत होती है, तो उसे हटा लिया जाता है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया जाता, सरकार पर से पूरी तरह से भरोसा उठ चुका है। गांव शीशोवाली निवासी सुरेंद्र सिंह व सुल्तानपुर निवासी महिला बुद्घो का कहना है कि अभी नहर में पानी कम है, इससे पैदल ही गुजर जाते, लेकिन कुछ ही दिन में नहर में पानी बहुत बढ़ जाएगा। ऐसे में नहर पार करना संभव नहीं हो पाएगा। जंगल से चारा लाने या गजरौला जाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

सांसद ने भी नहीं निभाया वादा
गजरौला। सांसद कंवर सिंह तंवर ने लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों से वादा किया था कि पैंटून पुल की जगह स्थायी पुल बनवाया जाएगा। लेकिन साढ़े तीन साल से ज्यादा बीतने के बावजूद उन्होंने उधर जाकर भी नहीं देखा जबकि उनका गोद लिया गांव चकनवाला भी इससे जुड़ा है। इसे लेकर लोग सांसद से बेहद नाराज हैं।
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रामगंगा पोषक नहर पर पैंटून पुल की जगह स्थायी पुल का निर्माण कराने के लिए प्रयासरत हूूं। इस संबंध में बाढ़ खंड से भी बात की गई है। जल्द ही स्थायी पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है।
- कंवर सिंह तंवर, सांसद अमरोहा।
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