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Amroha News: स्कूल बस पर फायरिंग के दो हमलावरों को नहीं ढूंढ पा रही पुलिस की 15 टीमें

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गजरौला (अमरोहा)।
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भाजपा नेता के स्कूल की बच्चों से भरी बस पर हुई फायरिंग व पथराव की घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। लेकिन, पुलिस दो आरोपियों को तलाश करने में नाकाम साबित हुई है। जबकि, उनकी धरपकड़ के लिए 15 टीमें लगाई गईं है। दोनों आरोपियों की बाइक पर जाते हुए सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है। उधर, एसपी ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें और गठित की है।
बीते शुक्रवार की सुबह एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की बस 28 बच्चों को लेकर आ रही थी। सुबह 7.50 बजे बस खादगुर्जर और नगला माफी के बीच पहुंची थी। तभी एक बाइक सवार युवक ने बस रोक लिया। इस बीच आम के बाग से निकले दो नकाबपोश युवकों ने बस चालक की खिड़की पर पथराव करते हुए फायरिंग कर दी थी। उन्होंने दो राउंड फायरिंग की। हालांकि, चालक और बस में सवार 28 बच्चे सकुशल बच गए थे। मामले में पुलिस ने अनुज निवासी गांव नगला को नामजद करते हुए दो अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही अनुज को हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी थी।
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लेकिन, अनुज को लेकर स्थिति अभी तक साफ नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन वह अपने पिता के साथ बुग्गी पर सवार होकर खेत जा रहा था। जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है। लेकिन, सवाल यह है कि बस पर फायरिंग करने वाले कौन थे। उनकी बाइक से जाते हुए फुटेज भी पुलिस को मिल गई है। उधर, अब पुलिस ने पांच टीमें और बनाई गईं है। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि अभी तक पुलिस की 15 टीमें आरोपियों की तलाश में लगी थीं, लेकिन अब पांच टीमें और लगाई गईं।
पेशेवर हमलावरों ने की थी फायरिंग, सीसीटीवी में कैद बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं

गजरौला।
एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की बस पर हमला पेशेवर हमलावरों ने किया। सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई उनकी बाइक की नंबर प्लेट पर नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहे हैं। आरोपियों ने जान बूझकर ऐसी बाइक इस्तेमाल की, जिसके नंबर साफ दिखाई न दे और वे पुलिस की पकड़ में न आ सके।
बीते शुक्रवार सुबह बाइक सवार तीन नकाबपोश हमलावर एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की बस पर फायरिंग व पथराव कर भाग गए। हमलावर पेशेवर लग रहे हैं। उन्होंने गोली बस के अगले पहिए को टारगेट कर चलाई थी। पुलिस के मुताबिक, गोली के दोनों निशान से लग रहा है कि गोली पास से चलाई गई। जिसे चलाने वाले हमलावर पेशेवर हैं। वह पेशेवर नहीं होते गोलियों के निशान काफी अलग-अलग हो सकते थे। इसके अलावा वह जिस बाइक पर सवार हैं, उसकी तस्वीर अलग-अलग मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। हालांकि बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं है। किसी भी कैमरे की फुटेज में उन्होंने नकाब नहीं हटाया। उधर, घटना का खुलासा करने में नाकाम 15 टीमों के साथ पांच टीम और लगा दी गई हैं। जिनमें हसनपुर, नौगावां सादात व सीओ सिटी को भी शामिल कर दिया गया है।
स्कूल बस पर फायरिंग-पथराव करने वालों पर कार्रवाई की मांग

गजरौला।
वित्तविहीन स्कूल प्रबंधक वेलफेयर एसोसिएशन ने इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की 28 बच्चों से भरी बस पर फायरिंग व पथराव करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रविवार सुबह थाने पहुंचे स्कूल प्रबंधक व संचालकों ने इंस्पेक्टर सुधीर कुमार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि शुक्रवार सुबह एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की 28 बच्चों से भरी बस पर फायरिंग और पथराव करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया, उससे बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। घटना से बच्चे दहशत में हैं।इंस्पेक्टर ने आश्वासन दिया कि खुलासे के लिए पहले 15 टीम लगी थीं, पांच और बढ़ा दी गई हैं। सही खुलासा किया जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नरेश सिद्धू, जिला कोषाध्यक्ष रविराज सिंह, लकी चौधरी, मूलचंद गिल, योगेंद्र सिंह मौजूद रहे। संवाद
पिस्टल या रिवॉल्वर से की गई थी स्कूल बस पर फायरिंग

गजरौला।
एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की बच्चों से भरी बस पर फायरिंग 315 या 12 बोर के तमंचे से नहीं, बल्कि पिस्टल या रिवॉल्वर से हुई थी। बस पर बनी गोलियों के निशान से यह बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक हमलावरों को हथियार कहां से आए थे। यह उनकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा। का कहना है कि हमलावरों ने
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थाना क्षेत्र के नगला माफी और खाद गुर्जर गांव के बीच बाइक सवार हमलावरों ने बीते शुक्रवार सुबह एसआरएस इंटरनेशनल स्कूल की 28 बच्चों से भरी बस पर गोलियां बरसाई थीं। पथराव भी किया था। घटना से बच्चे सहम गए थे। वारदात को अंजाम उस समय दिया गया था, जब चालक मोंटी बस में आसपास के गांवों से बच्चों को लेकर आ रहा था। बस पर गोलियां और पथराव होने के निशान बने है। पुलिस के मुताबिक, बस पर फायरिंग 315 या 12 बोर के तमंचे से नहीं की गई थी, बल्कि हमलावरों ने पिस्टल या रिवॉल्वर से की थी। सीओ श्वेताभ भास्कर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चल सकेगा जिस पिस्टल या रिवॉल्वर से उन्होंने फायरिंग की, वह कहां से खरीदी गई है।
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