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सहकारिता विभाग से जारी हुआ चालीस हजार किसानों को वसूली नोटिस

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सहकारिता विभाग से जारी हुआ चालीस हजार किसानों को वसूली नोटिस
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क्रासर-

कर्जदार किसानों को तीस जून से पहले करनी है कर्जे की अदाएगी
निर्धारित अवधि के अंदर कर्जे की अदाएगी नहीं की तो पड़ेेगी अतिरिक्त ब्याज की मार

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
प्रदेश सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। एक तरफ कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों को बैंकों द्वारा कोई नोटिस जारी नहीं होगा, इसकी राहत दी है। वहीं दूसरी तरह कर्जमाफी के दायरे में न आने वाले किसानों पर वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। सहकारिता विभाग की ओर से जिले के चालीस हजार किसानों को वसूूली नोटिस जारी हुआ है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीस दिन के अंदर 140 करोड़ के कर्जे की अदाएगी किसान कैसे करेंगे, इसको लेकर चिंतित है। यदि निर्धारित अवधि के अंदर कर्जे की अदाएगी नहीं करते हैं तो अतिरिक्त ब्याज की मार पड़ेगी। उधर, किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों पर वसूली का दबाव दिया गया तो किसान सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। मांग की है कि सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाए। किसानों से वसूली नोटिस वापस लिए जाएं।
प्रदेश सरकार की कर्जमाफी की घोषणा के फेर में फंसकर किसान कर्जे की अदाएगी नहीं कर पाया है। किसानों को उम्मीद थी, सभी किसानों का कर्जा माफ होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिले के दस हजार 712 किसान ही शर्तों को पूरा कर पाए हैं। उनका 37 करोड़ का कर्जा माफ होगा। वहीं दूसरी और शेष बचे 40 हजार किसानों पर कर्जे की मार पड़ने वाली है। उन पर अब अतिरिक्त ब्याज की मार पड़ने वाली है। क्योंकि कर्जे की अदाएगी को मात्र 19 दिन का समय शेष बचा है। 19 दिन में जिले के चालीस हजार किसानों को 140 करोड़ के कर्जे की अदाएगी करना आसान नहीं रहेगा। इसे लेकर किसानों के होश उड़ने लगे हैं। दूसरी और सहकारिता विभाग ने कर्ज माफी केे दायरे में न आने वाले किसानों को वसूली नोटिस जारी कर दिया है। इससे किसानों की और मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान इसको लेकर चिंतित हैं।
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किसान संगठनों में वसूली नोटिस को लेकर रोष व्याप्त
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष चौधरी उम्मेद सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार का किसानों के साथ सौतेला व्यवहार नहीं चलेगा। एक तरह कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों को सरकार राहत दे रही है, उन्हें बैंकों की ओर से कोई नोटिस जारी नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर कर्जेमाफी के दायरे से बाहर रहने वाले किसानों पर वसूली का दबाव दिया जा रहा है। कर्जदार किसानों को विभाग की ओर से नोटिस जारी हो रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार से मांग की जाती है कि सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाए। भाकियू ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों पर अतिरिक्त ब्याज की मार पड़ी तो इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। किसान अतिरिक्त ब्याज नहीं देगा।

किसानों से वसूली नोटिस वापस लिए जाएं
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह का कहना है किसानों के साथ प्रदेश सरकार का सौतेला व्यवहार नहीं चलेगा। कर्ज माफी में संशोधन करना होगा। दस एकड़ तक भूमि वाले सभी किसानों का कर्जामाफ होना चाहिए। कर्जदार किसानों से वसूली नोटिस वापस लिए जाएं। किसानों के साथ प्रदेश सरकार का सौतेला व्यवहार नहीं चलेगा।
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बयान
कर्जमाफी के दायरे में जो किसान आए हैं, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया गया है। लेकिन जो किसान कर्ज माफी के दायरे से बारह हैं, उनसे कर्जे की वसूली को नोटिस जारी किया गया है। जिससे वे तीस जून से पहले कर्जे की अदाएगी कर सकें, अतिरिक्त ब्याज की मार से बच सकें।
रमेश यादव, एआर कोआपरेटिव।
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