अमरोहा। सहसपुर अलीनगर गांव में सात साल पहले घर में घुसकर अनुसूचित जाति के किसान से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट के मामले में कोर्ट ने 13 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सभी को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर 71500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, सहसपुर अलीनगर गांव निवासी मदन सिंह जाटव 27 सितंबर 2019 को अपने घर पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के ही चंद्रभान, गजेंद्र, नन्नू, यादराम, दीपक, गुड्डू, कुमरपाल, नन्हे, चंद्रपाल, सोनू, अखिलेश, वीर सिंह और राजेंद्र सिंह उनके घर में घुस आए। सभी ने लाठी-डंडों से मदन सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित भी किया गया।
शोर सुनकर मदन सिंह के बेटे सुनील और लवकुश बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। जाते समय आरोपियों ने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद मदन सिंह ने डिडौली कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद सभी 13 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज सक्सेना ने प्रभावी पैरवी की और घटना से संबंधित साक्ष्य व गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी 13 आरोपियों को दोषी माना।
इसके बाद प्रत्येक दोषी को तीन साल की सजा सुनाई और 71500 रुपये का जुर्माना लगाया है। सात वर्ष पुराने मामले में फैसला आने के बाद पीड़ित मदन सिंह जाटव के परिवारजनों ने न्याय मिलने की बात कही। संवाद