अमरोहा। मुकद्दस रमजान का 12वां रोजा सोमवार को मुकम्मल हो गया। रोजेदारों ने अपना पूरा दिन जरूरी कामकाज के साथ अल्लाह की इबादत में बिताया। वह पांच वक्त नमाज अदा करते रहे और कुरान की तिलावत भी की।
रमजान का दूसरा अशरा चल रहा है, जिसमें रोजेदार अल्लाह की रजा पाने को दिनभर इबादत में मशगूल हैं। पूरी-पूरी रात जागकर तस्बीह पर जिक्र और वजीफे पढ़ते हैं। दूसरे अशरे की खुसूसी दुआओं के बीच अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा तलब की गई। उनका एकमात्र लक्ष्य किसी भी सूरत से अल्लाह का खास इनाम प्राप्त करना है। फरवरी माह के 10 रोजे राहत भरे मौसम में गुजरे थे। लेकिन मार्च की शुरुआत में ही मौसम में तपिश बढ़ गई है। सुबह-शाम में नमी बनी रहती है, पर दिन में गर्मी बढ़ती जा रही है।
सूरज की तेज तपिश से रोजेदारों के हल्क खुश्क हो रहे हैं। दसवें रोजे के बाद हवा का रुख बदलने से मौसम में गर्माहट भी बढ़ गई है। 12वें रोजे यानी सोमवार को दिन में गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। शुरुआत में यह अंदाजा लगाया गया था कि 15 रोजे खुशगवार मौसम में गुजरेंगे। लेकिन आखिर के 15 रोजों में रोजेदारों को गर्मी से जूझना पड़ेगा।
यह अनुमान फिलहाल सही साबित होता दिख रहा है। मगरिब की अजान से पहले इफ्तारी का सायरन बजते ही 12वां रोजा मुकम्मल हो गया। शाम को बाजारों में काफी रौनक दिखाई दी। रोजेदारों ने इफ्तारी के लिए फल, खजूर, जलेबी, समोसे और दही चाट जैसे सामान खरीदे। इफ्तार करने के बाद नमाज अदा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया गया। इशा की नमाज के बाद मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। संवाद