‘लाइसेंस मिला नहीं, अधिकारियों ने ठेकेदार को सौंप दी जमीन’
- ठेकेदार ने शुरू कराया खनन, पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल बोले- खनन कार्य अवैध
- मौके पर पहुंचे हसनपुर विधायक ने डीएम से जताई नाराजगी
- पट्टे से ज्यादा भूमि पर किसानों की फसल उजाड़ने का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला/हसनपुर(अमरोहा)। खनन पट्टा देने का कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ कि बखेड़ा शुरू हो गया है। खनन के लिए शुरू की गई ई टेंडर की व्यवस्था के बाद अभी लाइसेंस जारी नहीं हुए थे कि, राजस्व अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए पैमाइश कर भूमि ठेकेदार को सौंप दी। वहीं ठेकेदार ने भी खनन शुरू करा दिया। यहीं से विवाद शुरू हो गया, भनक लगते ही हसनपुर विधायक मौके पर पहुंच गए। किसानों से बातचीत के बाद आरोप लगाया कि, राजस्व अधिकारियों ने गलत तरीके से किसानों की फसल उजाड़ी है। उनका यह भी आरोप है कि, 20 बीघे का पट्टा हुआ है और अफसरों ने 50 बीघा जमीन ठेकेदार को सौंप दी है।
खनन पट्टा मामले में तहसील प्रशासन और जनप्रतिनिधि आमने-सामने आ गए हैं। हसनपुर के नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह के मुताबिक ठेकेदार अतुल जैन और मोहम्मद अली ने गांव दयावली खालसा में 1.357 हेक्टेयर भूमि पर खनन के लिए ई टेंडर किया है। इस सिलसिले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एंटी टास्क फोर्स में शामिल एसडीएम गंभीर सिंह, सीओ अविनाश कुमार गौतम, तहसीलदार अमित कुमार भारतीय व राजस्व कानूनगो की टीम ने बुधवार को गांव दयावली में ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से उगाई गईं फसलों पर ट्रैक्टर चलवाकर भूमि खाली कराई थी। इसके बाद भूमि को खनन ठेकेदार को दे दिया गया है। इधर, ठेकेदार ने खनन कार्य शुरू करा दिया। इस पर गुरुवार को विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी मौके पर पहुंच गए। विधायक कहना है कि करीब बीस बीघा भूमि पर खनन का पट्टा हुआ, लेकिन प्रशासन ने करीब पचास बीघा भूमि ठेकेदार को सौंप दी। गरीब लोगों की फसलों को उजाड़कर खनन के पट्टे की भूमि में शामिल कर दिया गया। यह गलत है, विधायक ने इसकी शिकायत डीएम से भी की। कहा कि, जल्द ही सीएम योगी आदित्यनाथ को भी मामले की जानकारी दी जाएगी। वहीं खनन के मामले में प्रशासन और विधायक की तनातनी के बीच पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि टेंडर की प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई और प्रशासन की मिलीभगत से खनन शुरू करा दिया गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
डीएम बोले- चिह्निकरण पूरा होने के बाद जारी करेंगे लाइसेंस
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि ई टेंडर के माध्यम से खनन के पट्टे की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, ग्राम समाज की जिस जमीन पर खनन पट्टा हुआ है उसे चिह्नित किया जा रहा है, चिह्निकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर संबंधित को अनुज्ञय पत्र(लाइसेंस) जारी कर दिया जाएगा, इसके बाद ही खनन की प्रक्रिया शुरू होगी।
टेंडर के हिसाब से जमीन खाली कराया
खनन के पट्टे का ई-टेंडर होने पर गांव दयावली खालसा में पैमाइश कराई गई, इसमें ग्राम समाज की भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था, कब्जा छुुड़ाया गया और ई टेंडर के हिसाब से जमीन को नापकर खाली कराया गया। - देवेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार हसनपुर।
अफसरों ने पट्टे से ज्यादा जमीन सौंपी
प्रशासनिक अधिकारियों ने गलत तरीके से जमीन खाली कराई है। खनन के पट्टों का टेंडर करीब बीस बीघा का हुआ, जबकि प्रशासन ने करीब पचास बीघा भूमि को खाली कराकर खनन ठेकेदार के हवाले कर दिया। इसकी शिकायत डीएम से की गई है, मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की जानकारी दी जाएगी। - महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधायक हसनपुर।
अधिकारियों ने खनन कराया
टेंडर से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अभी तक ठेकेदार को उपलब्ध नहीं हो सके। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने अवैध खनन शुरू कर दिया है। ऐसा नहीं होना चाहिए। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।- देवेंद्र नागपाल, पूर्व सांसद।
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