..तो विधायक के खाते में डाल दी है धनराशि
वन दारोगा द्वारा 18 हजार रुपये लेकर पॉपलर लकड़ी से भरा ट्रैक्टर छोड़ने का मामला
पीड़ित ट्रैक्टर चालक ने वन दरोगा की बात मोबाइल में रिकॉर्ड कर विधायक को सुनाई
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
पॉपलर की लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्राली के चालक से 18 हजार रुपये वसूलना वन दरोगा को महंगा साबित हो सकता है। लकड़ी कटान के कागजात दिखाये जाने के बावजूद सुविधा शुल्क लिये जाने पर पीड़ित ने वन दरोगा की मोबाइल पर बातचीत के दौरान रिकॉर्डिंग कर ली। जिसमें रकम वापस करने की गुहार लगाने पर वन दरोगा ने विधायक के खाते में रकम डालने की बात कही है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के बांसली गांव निवासी हनीफ लकड़ी का कटान करता है। हनीफ ने मारकपुर गांव के किसान से पॉपलर की लकड़ी काटी थी। 21 मई की सुबह छह बजे हनीफ रिश्तेदार के ट्रैक्टर ट्राली में पॉपलर की लकड़ी लाद कर शहर की तरफ ला रहा था। अतरासी तिराहा पर वन विभाग की टीम खड़ी थी। टीम ने लकड़ी लदे ट्रैक्टर ट्राली को रोक लिया। बताते हैं कि लकड़ी कटान के कागजात होने के बावजूद भी टीम ने ट्रैक्टर चालक से 18 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद ट्रैक्टर ट्राली को जाने दिया। मगर एक भूल वन विभाग टीम ने कर दी। 18 हजार रुपये लेने के बावजूद भी ट्रैक्टर चालक को रसीद नहीं दी। उसने यह शिकायत धनौरा विधायक राजीव तरारा से की। जिस पर विधायक ने प्रभागीय वन अधिकारी से बात करते हुए पैसे वापस दिलाने को कहा। इसके बाद हनीफ के बेटे ने वन दारोगा से फोन पर बात की। विधायक की बात का हवाला देते हुए पिता से लिए रुपये वापस मांगे। आरोप है कि वन दारोगा ने लकड़हारे के बेटे की बात को गंभीरता से नहीं लेते हुए यह कह दिया कि पैसे विधायक के खाते में डाल दिए हैं। वन दारोगा की इस बात को रिकॉर्ड कर लिया गया। हनीफ ने यह बात विधायक राजीव तरारा, डीएफओ मोहम्मद उमर खान को सुनाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी शिकायती पत्र भेजा है।