आचार संहिता और कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने के मामले में जनपद पुलिस ने सात प्रत्याशियों के खिलाफ बारह एफआईआर दर्ज की हैं। डिडौली और हसनपुर कोतवाली में सबसे अधिक तीन-तीन केस दर्ज हुए हैं। प्रत्याशियों के 600 से अधिक अज्ञात समर्थक भी नियम तोड़ने के आरोपी हैं। अब पुलिस सभी मामलों में साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
निर्वाचन आयोग ने आठ जनवरी को विधानसभा चुनाव की घोषण की थी। इसके साथ ही जनपद में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई थी। चुनाव की तारीखों का एलान होते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया था। इसके बाद पुलिस ने आचार संहिता और कोविड गाइडलान का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। जनपद में सपा, भाजपा, कांग्रेस और बसपा प्रत्याशियों पर बारह मुकदमे दर्ज किए हैं। जिसमें हसनपुर पुलिस ने सपा के प्रत्याशी मुखिया गुर्जर, विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह खड़गवंशी पर आरोप समेत चार केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा डिडौली पुलिस ने कांग्रेस के प्रत्याशी सलीम खान, बसपा प्रत्याशी शादाब खां उर्फ टाटा, पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन करने वाले दावेदार के समर्थकों, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की जनसभा में अनुमति से अधिक भीड़ जुटाने के मामले में बसपा के जिलाध्यक्ष सोमपाल सिंह समेत चार एफआईआर दर्ज की हैं। गजरौला और रजबपुर पुलिस ने भाजपा के प्रत्याशी देवेंद्र नागपाल के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं। जबकि अमरोहा नगर में बसपा के प्रत्याशी नावैद अयाज और नौगांवा सादात पुलिस ने सपा प्रत्याशी समरपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। सभी मुकदमों में प्रत्याशियों समेत 600 से अधिक अज्ञात समर्थक भी आरोपी हैं। सभी पर चुनाव आचार संहिता और कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप है। एसपी पूनम ने बताया कि सूचनाओं के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी चल रही है।