जिले में आधे-अधूरे मन से ही कुपोषण से जंग हो रही है। हाल यह है कि, कुपोषण के खात्मे के लिए राज्य पोषण मिशन के तहत अफसरों को गांव गोद दे दिए गए, मगर इनमें ही अतिकुपोषित बच्चों के मिलने का सिलसिला जारी है। इससे योजनाओं के क्रियांवयन पर अंगुली उठना लाजमी है। इससे पहले डीएम, सीडीओ के गांव में भी कुपोषित बच्चे मिल चुके हैं।
बुधवार को हसनपुर ब्लाक क्षेत्र में गोद लिए गांव सोंहत का हाल जानने एसडीएम अशोक मौर्य निकले तो मातहतों की ओर से योजनाओं के क्रियांवयन की कड़वी सच्चाई सामने आ गई। बच्चों का वजन चेक करने के दौरान गांव में 11 बच्चे अतिकुपोषित मिले। इनमें से छह मोहम्मद अस, अनन्या, आयुषी, अंशिका, निक्की और सुफिया की हालत नाजुक होने पर एनआरसी अमरोहा (जिला अस्पताल में) भेज दिया गया। इससे पहले एसडीएम ने राज्य पोषण मिशन एवं हौसला पोषण योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की बैठक ली।
गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों को मिलने वाले खाना व फलों की जानकारी ली। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समस्या का समाधान करने की हिदायत दी है। वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी ओमपाल सिंह ने ग्रामीणों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक किया। इस मौके पर सैदनगली थाना प्रभारी मुश्तकीम अली, नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह, लेखपल विंटेश कुमार मौजूद रहे। ग्रामीणों में प्रमा, प्रधान संतोष कुमार, इकबाल, श्योराज सिंह, दीपक शर्मा, अली हसन, रविकुुमार, चंद्रपाल सैनी, गंगाप्रसाद आदि मौजूद रहे।