तिलोई। मोहनगंज के बारकोट निवासी विपिन चौरसिया (28) का शव बुधवार को चौथे दिन नहर में उतराता मिला। सुबह शव मिलने पर परिवार में मातम छा गया। विपिन रविवार को पत्नी रोली और दुधमुंहे बेटे संस्कार के साथ शंकरगंज स्थित ननिहाल से लौट रहा था।
राजामऊ पुल के पास नहर पटरी से तिलोई की ओर जाने के बाद रोली ने बच्चे को किनारे रखा और पानी में छलांग लगा दी। पत्नी को डूबता देख विपिन भी उसे बचाने के लिए नहर में कूद गया। रोली को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया और बच्चे को भी बचा लिया गया।
इसके बाद विपिन का पता नहीं चला। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। सफलता नहीं मिलने पर अयोध्या से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। टीम ने तीन दिन तक नहर में खोजबीन की। मंगलवार शाम विभाग की मदद से नहर का पानी कम कराया गया। बुधवार सुबह करीब चार बजे राजामऊ पुल के पास लोगों ने पानी में शव उतराता देखा।
पुलिस और रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों की मदद से गड़हरी मोड़ के पास शव बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद शव पैतृक गांव पहुंचते ही परिजनों में मातम छा गया। विपिन का शव पैतृक गांव पहुंचते ही पत्नी रोली बेसुध हो गई। मां निर्मला बेटे का शव देखकर बदहवास हो गईं और बार-बार उसे पुकारती रहीं।
भाई प्रदीप, नितिन और विवेक भी फूट-फूटकर रोने लगे। दुधमुंहा बेटा संस्कार नानी निर्मला की गोद में रहा। उसे पिता की मौत का अहसास नहीं था और वह कभी मां तो कभी नानी की ओर देखता रहा। थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
पोस्टमार्टम स्थल पर रिश्तेदारों में तकरार
विपिन की पत्नी रोली के पिता राधेश्याम और भाई बुधवार को पोस्टमार्टम स्थल पहुंचे थे। राधेश्याम ने आरोप लगाया कि वहां समधी घनश्याम ने उनके पहुंचने पर आपत्ति जताई और चले जाने की धमकी दी। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।