अमेठी सिटी। आबादी की विवादित जमीन से ईंटें हटाने के विवाद में लाठी-डंडे से हमला कर व्यक्ति की मौत के 23 वर्ष पुराने मामले में सोमवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट सुल्तानपुर राकेश पांडेय की अदालत ने आरोपी कल्पनाथ को गैरइरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी की सजा पर सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि तय की है।
जामों के शिवपुर बक्शगढ़ गांव निवासी चंद्रकला ने 10 जून 2002 की घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार आबादी की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान आरोपी श्रीराम और उनका पुत्र कल्पनाथ विवादित भूमि पर रखी ईंटें हटा रहे थे। मना करने पर वादिनी के पति रामलाल धोबी पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। गंभीर चोटों के चलते रामलाल की मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में गैरइरादतन हत्या और एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान आरोपी श्रीराम की मृत्यु हो गई, जबकि कल्पनाथ के विरुद्ध मुकदमा चलता रहा। अदालत ने साक्ष्य और दलीलें सुनने के बाद कल्पनाथ को गैरइरादतन हत्या का दोषी माना। एससी-एसटी एक्ट की धारा में आरोपी को बरी कर दिया गया। दोषी को जेल भेजते हुए सजा पर सुनवाई की तिथि तय की गई है।