अमेठी। भादर की सात ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों की देखरेख करने वाली केयर टेकर महिलाओं को कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है। भुगतान की मांग को लेकर एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने शनिवार को तहसील पहुंचकर समाधान दिवस के दौरान एडीएम अर्पित गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
भदाव, रतापुर, गुड़री, खरगीपुर, नरहरपुर, लहना और खरगपुर ग्रामसभाओं से आईं महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों और संबंधित सचिवों की उदासीनता के चलते उन्हें आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। भदाव गांव की केयर टेकर सारिका मौर्या ने बताया कि उन्हें पिछले 36 महीनों से मानदेय नहीं मिला है। रतापुर गांव की केयर टेकर हीरावती ने आरोप लगाया कि शुरुआत में दो साल तक उन्हें नियमित रूप से 9000 रुपये मिलते रहे, लेकिन बाद में तत्कालीन सचिव ने उनसे हर माह 3000 रुपये की मांग की। मांग पूरी न करने पर उनका मानदेय रोक दिया गया।
उन्होंने बताया कि 28 महीने का मानदेय लंबित रहा, जबकि नए सचिव के आने के बाद केवल चार महीनों का ही भुगतान हुआ है। बताया कि कई केयर टेकर महिलाओं का मानदेय कई महीनों से लंबित है। मौके पर मौजूद सारिका, सीमा, हीरावती, राजकुमारी, किरन, दीपिका, प्रेमा, इंद्रावती, गुड्डा और श्यामपति सहित अन्य महिलाओं ने बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान कराने की मांग की। एडीएम अर्पित गुप्ता ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराते हुए एक सप्ताह के भीतर लंबित मानदेय का भुगतान कराया जाएगा।