अमेठी। कृषि कानून के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन के दौरान महिलाओं से अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन बाद भी एसडीएम के खिलाफ केस दर्ज नहीं होने से महिला किसान सड़क पर उतर आईं।
गौरीगंज थाने का घेराव कर महिलाओं ने एएसपी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में 25 दिसंबर तक एसडीएम के खिलाफ केस दर्ज नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि कानून के विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान एसडीएम गौरीगंज व रीता सिंह जनकल्याण समिति के बैनर तले धरने पर बैठी महिला कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का- मुक्की तथा अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
सोमवार को ही एसपी दिनेश सिंह को ज्ञापन देने के बावजूद बुधवार तक केस दर्ज नहीं हुआ तो कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ गया। कार्यकर्ता रीता सिंह की अगुवाई में गौरीगंज थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
धरने पर बैठी महिलाओं को प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार ने समझाने की कोशिश करते हुए बताया कि मजिस्ट्रेट के खिलाफ राजपत्रित अधिकारी की ओर से जांच पूरी किए बिना केस दर्ज नहीं हो सकता।
इस पर महिलाएं भड़क गईं। महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचे एएसपी दयाराम सरोज ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना शांत कराया तो महिला कार्यकर्ताओं ने एसपी को संबोधित ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में 25 दिसंबर तक जांच पूरी कर एसडीएम के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।