अमेठी सिटी। पति की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय रायबरेली ने बुधवार को जायस क्षेत्र के अब्दूमऊ गांव निवासी सुनीता पत्नी मुकेश को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहीं शव कुएं में फेंककर साक्ष्य छिपाने के मामले में एक वर्ष की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अब्दूमऊ निवासी मनोज कुमार ने 28 सितंबर 2018 को जायस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सुनीता ने अपने पति मुकेश की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कुएं में फेंक दिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मामले की विवेचना तत्कालीन जायस थानाध्यक्ष रवींद्र सिंह ने की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 19 दिसंबर 2018 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय रायबरेली में मामले की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने सुनीता को पति की हत्या और शव कुएं में फेंककर साक्ष्य छिपाने का दोषी माना। बुधवार को अदालत ने दोनों मामलों में सजा सुनाई।