अमेठी। कोरोना का सर्वाधिक असर फेफड़ों पर होता है। बीमारी का घर कहा जाने वाला सर्दी का मौसम व बढ़ता प्रदूषण फेफड़ों के लिए नुकसानदायक है। दमा (अस्थमा) रोगियों के लिए सर्दी का मौसम बेहद खतरनाक है। ऐसे में सर्दी के मौसम में अस्थमा रोगियों के साथ सभी को बेहद सतर्क रहना चाहिए।
सर्दी के मौसम का आगाज हो चुका है। ये ऐसा मौसम है जिसमें फ्लू की समस्या, गले में खराश, सर्दी, जुकाम व बुखार जैसी बीमारियां कभी भी अपनी चपेट में ले सकती हैं। इस मौसम में हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
कोरोना, प्रदूषण और सर्दी, इन तीनों का मेल स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद खतरनाक है। ऐसे समय में हर किसी को सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
एडिशनल सीएमओ डॉ. आरपी गिरि ने बताया कि इस समय वायु प्रदूषण की जो मात्रा है वह अस्थमा रोगियों की दिक्कत बढ़ाने वाली है। उन्होंने बताया कि सर्दी का मौसम अन्य बीमारियों को हवा देता है।
थोड़ी सी सावधानी हमें बड़े नुकसान से बचा सकती है। ऐसे में सभी को कोशिश करनी चाहिए कि वह जब भी बाहर निकलें तीन लेयर वाला मास्क जरूर पहनें। जो लोग सिगरेट या बीड़ी पीते हैं उन्हें और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे लोग धूम्रपान से परहेज करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण इस समय कोई भी बीमारी घातक साबित हो सकती है, इसलिए दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।