अमेठी सिटी। सामूहिक विवाह योजना में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाए जाने की खामी पकड़ने वाले परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव भी जांच के दायरे में हैं। उन पर विवादित फर्म के संचालक ने 20 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया है, जिसकी जांच अयोध्या के अपर आयुक्त प्रशासन कर रहे हैं। वहीं जीएसटी विभाग की ओर से फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
12 दिसंबर को जिला समाज कल्याण अधिकारी नलिन राज चिकित्सकीय अवकाश पर चले गए थे, जिसके बाद पीडी ऐश्वर्य यादव को प्रभार मिला था। विवादित फर्म की ओर से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने यह बात जिलाधिकारी संंजय चौहान और सीडीओ सचिन सिंह को बताई। इसके बाद ही डीएम ने विवादित फर्म को काम देने के मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था।
इसी बीच विवादित फर्म के संचालक जगदीश प्रसाद ने आरोप लगाया कि परियोजना निदेशक ने 20 प्रतिशत कमीशन मांगा है। इस प्रकरण की शिकायत रायबरेली के हरचंदपुर से विधायक राहुल लोधी के जरिये डीएम से की गई। डीएम ने जांच के लिए डीडीओ और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की टीम बना दी। इस टीम की जांच अभी चल रही है। इसी बीच फर्म संचालक ने मंडलायुक्त अयोध्या को शिकायती पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
वहां से भी जांच के लिए अपर आयुक्त प्रशासन को नामित किया गया है। इस बीच प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी ऐश्वर्य यादव ने फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए सात जनवरी को जीएसटी कमिश्नर को एक पत्र लिखा। ये कार्रवाई जीएसटी ऑफिस रायबरेली से होनी है।