अमेठी। अमेठी कस्बे में बिना पंजीयन के संचालित आशीर्वाद नर्सिंग होम में सोमवार को डिलीवरी के बाद एक नवजात की हालत बिगड़ गई। एम्स रायबरेली ले जाते वक्त रास्ते में नवजात की मौत हो गई।
परिजनों का आराेप है कि गर्भवती की ब्लड रिपोर्ट आने के पहले ही अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने सिजेरियन कर दिया, जिसके चलते ही नवजात को जान से हाथ धोना पड़ा। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि आरोपित नर्सिंग होम अवैध तरीके से संचालित हो रहा है। पीड़ित की तरफ से मामले की लिखित शिकायत मिलते ही मामले की जांच के लिए टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी। संग्रामपुर के पूरे तालुकदार के पुरवा निवासी अजय सिंह ने बताया कि सोमवार शाम पत्नी वंदना सिंह को प्रसव पीड़ा के बाद आशीर्वाद नर्सिंग होम में भर्ती कराया खा। परीक्षण बाद चिकित्सक ने सिजेरियन के लिए कहते हुए 18 सौ रुपये जमा करवाने के बाद खून का नमूना जांच के लिए भेजा। आरोप है कि खून की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जल्दबाजी में सिजेरियन शुरू कर दिया गया। प्रसव के काफी समय बाद नर्सिंग होम का कर्मचारी ब्लड जांच की रिपोर्ट लेकर पहुंचा। उन्हें नवजात के बतौर पुत्र मिला था।
ब्लड रिपोर्ट देखे बिना ऑपरेशन किया जाना गंभीर लापरवाही है, जिससे नवजात की जान खतरे में पड़ गई। हालत बिगड़ने पर परिजन नवजात को अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग स्थित दूसरे नर्सिंग होम ले गए, लेकिन वहां भी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। अंत में नवजात को रायबरेली एम्स ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने के साथ दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। (संवाद)