अमेठी सिटी। फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं खरीद की घोषणा के बावजूद एक क्रय केंद्र को छोड़ अन्य पर तौल शुरू नहीं हो सकी है। बोरे के अभाव ने पूरी प्रक्रिया को थाम दिया है। पंजीकरण करा चुके किसान रोज केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, मगर खरीद न होने से मायूस होकर लौट रहे हैं।
97 क्रय केंद्र सक्रिय होने का दावा किया गया है और सात मोबाइल टीमें भी तैयार बताई जा रही हैं। इसके बावजूद जमीनी हकीकत में कई केंद्रों पर मूल व्यवस्थाएं तक अधूरी हैं। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है। पल्लेदारी के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त देने की घोषणा भी की गई है। 72 घंटे के भीतर भुगतान का भरोसा भी दिया गया है, लेकिन खरीद शुरू न होने से किसानों को किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खरीद शुरू, बोरे का संकट कायम
गौरीगंज के असैदापुर स्थित विपणन शाखा क्रय केंद्र पर सोमवार को 12:20 बजे परिसर में चहल-पहल रही। अन्नी बैजल गांव के अनिल कुमार सिंह और विजय कुमार सिंह से करीब 110 क्विंटल गेहूं की खरीद हो रही थी। एसएमआई श्यामू मिश्र ने बताया कि चार अप्रैल को ओम प्रकाश सिंह से 79.50 क्विंटल और अंबिका प्रसाद से 29 क्विंटल खरीद दर्ज हुई है। बोरे की कमी है, डिमांड की गई है।
रोज चक्कर लगा रहे किसान
जायस की नवीन गल्ला मंडी में 10:30 बजे से किसान मोहना के मो. इसराइल, फतेपुर मवैया के रामसजीवन यादव, तेंदुआ के रामबोध, वीरेंद्र बहादुर सिंह और सुरेंद्र बहादुर सिंह मौजूद मिले। उन्होंने बताया कि पंजीकरण करवाया है। बोरे नहीं होने से तौल नहीं की जा रही है। पांच क्रय केंद्रों में किसी भी केंद्र पर तौल शुरू नहीं हो सकी। प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि बोरे उपलब्ध नहीं हैं। करीब 50 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। बोरे उपलब्ध होते ही तौल शुरू की जाएगी।
कार्यशाला में गए केंद्र सचिव, क्रय केंद्र बंद
बाजारशुकुल। दक्खिन गांव स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र सोमवार सुबह लगभग 10:30 बजे बंद मिला। केंद्र के गोदाम के सामने गेहूं क्रय केंद्र का बैनर लगा था, लेकिन केंद्र पर ताला बंद होने के कारण गेहूं बेचने के लिए पहुंचे किसानों को वापस लौटना पड़ा।
एडीओ आलोक दुबे ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में सभी क्रय केंद्रों के सचिव शामिल होने गए हैं। इसी कारण केंद्र कुछ समय के लिए बंद रहा। कार्यशाला समाप्त होने के बाद केंद्र फिर खुल जाएगा। बोरे नहीं होने से अभी गेहूं खरीद नहीं हो पाई है।
बोरे की गई है डिमांड
डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्र ने बताया कि क्रय केंद्रों पर तैयारी पूरी है। बोरे की डिमांड की गई है। अभी गेहूं की कटाई और मड़ाई का काम शुरू नहीं हुआ है, ऐसे में किसान कम आ रहे हैं। किसान जैसे ही क्रय केंद्रों पर आएंगे, नियमानुसार खरीद की जाएगी।