अमेठी सिटी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए प्रशासन सख्त है। सोमवार रात जिला विपणन अधिकारी राजेश्वर प्रताप सिंह के नेतृत्व में लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना दस्तावेज एक ट्राॅला और आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर लदे गेहूं को पकड़ने के बाद सीज कर दिया गया।
जिला विपणन अधिकारी राजेश्वर प्रताप सिंह के नेतृत्व में चले अभियान में विपणन निरीक्षक प्रमोद यादव, संजीत सिंह व विनय कुमार की टीम ने हाईवे पर संदिग्ध रूप से गुजर रहे एक ट्राॅला और आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोका, जिन पर हजारों क्विंटल गेहूं लदा था। पूछताछ में वाहन चालक व अन्य व्यक्ति गेहूं खरीद से जुड़े कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए। उनका कहना था कि गेहूं को जगदीशपुर क्षेत्र की एक निजी मिल में ले जाया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि यह गेहूं अलग-अलग गांवों से 2300 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया है, जबकि सरकार की तरफ से समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित है। इससे अंदेशा है कि बिचौलिये किसानों से खरीद कर बड़े स्तर पर अवैध भंडारण की तैयारी में लगे हैं। इसके बाद ट्राॅला को जाफरगंज मंडी और सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को इन्हौना थाना परिसर में सीज करवा दिया। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।