कमरौली (अमेठी)। आधुनिकता के इस दौर में औद्योगिक क्षेत्र के उतेलवा से सटे पूरे ओरीसिंह गांव के ग्रामीण बिजली की राह देख रहे हैं। ग्रामीण ऊर्जा निगम संग जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। हालत यह है कि इस गांव में कोई भी अपनी बेटी का रिश्ता नहीं करना चाहता है।
ग्रामीण रामसागर ने बताया कि गांव में बिजली की सुविधा न होने से बहुत कठिनाई उठानी पड़ रही हैं। ओम प्रकाश यादव ने बताया कि 11 हजार हाईटेंशन लाइन गांव के बगल से गुजरी है। जहां से तार खींचकर ट्रांसफार्मर रखकर खंभे के सहारे कनेक्शन दिया जा सकता है, लेकिन लगातार शिकायत के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब ऊर्जा निगम के अफसरों के पास जाते हैं तो कहते हैं कि इस्टीमेट भेज दिया गया है। जब पैसा आएगा तो लाइन बिछा कर कनेक्शन दिया जाएगा, या तो लाइन बिछाने का खर्च आप लोग एकत्र कर जमा करवाएं।
राम सागर ने बताया कि बिजली न होने से ठंड में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ऐसे में ग्रामीण अभी भी ढिबरी, मोमबत्ती की रोशनी में रात गुजारने को मजबूर हैं। खतरनाक जीव-जंतु से भी खतरा व्याप्त रहता है। विधायक के पास जाते हैं तो काम होने की बात कहकर टरका दिया जाता है।
गांव के बारे में की जाएगी जानकारी
सौभाग्य योजना में सभी गांवों को कवर किया जा चुका है, ऐसे में क्षेत्र में कोई गांव छूटा नहीं है। गांव से अलग हटकर कोई नई कॉलोनी बस गई हो तो नहीं कह सकते हैं। गांव के बारे में पता किया जाएगा।
-हर्षित श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, जगदीशपुर